लाइव पलामू न्यूज/मेदिनीनगर : पलामू दौरे पर पहुंची राज्य की महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की मंत्री जोबा मांझी ने बुधवार को स्थानीय टाउन हॉल में पलामू जिले के मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों में ECCE (अरली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन) पाठ्यक्रम के अनुसार डिजिटल लर्निंग के माध्यम से अनौपचारिक शिक्षा का उद्घाटन एवं प्रशिक्षण समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं को बच्चों को तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। वे अपनी जिम्मेदारी का सही से निर्वहन करें। बच्चों के जीवन संवारने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाएं।

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, सर्वजन पेंशन योजना सहित राज्य की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लोगों को अच्छादित करने में तत्परता दिखाएं। मानदेय देने एवं अन्य कठिनाइयों को दूर करने के लिए सरकार कटिबद्ध है।समारोह के दौरान डीएमएफटी के तहत 62 करोड़ 55 लाख 58 हजार 638 रुपए की लागत से 173 विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया। साथ ही आंगनवाड़ी सेविकाओं के बीच टैब, स्कूल किट का वितरण किया।

इसके अलावा पलामू जिले में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर के सेवा प्रदाताओं को नियुक्ति पत्र का वितरण किया। मंत्री ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा पर सरकार की विशेष जोर है। साथ ही निर्धारित आयु सीमा के पूर्व उनकी शादी नहीं हो, इसके लिए भी कई प्रयास किए जा रहे हैं। मौके पर मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने पलामू उपायुक्त द्वारा जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत बच्चों को विशेष रूप से सुविधा दिये जाने के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उपायुक्त के सोच से यहां के बच्चे बेहतर करेंगे। पलामू के इस मॉडल को राज्य के अन्य जिलों में भी बढ़ाया जाएगा। मौके पर उप विकास आयुक्त रवि आनंद, सहायक समाहर्ता श्रीकांत विसपुते, जिला परिषद उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह, प्रमुख सहित अन्य पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थें।

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