पलामू :  रोटरी इंटरनेशनल के प्रतिष्ठित पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रोटेरियन बाघ सिंह पन्नू रोटरी क्लब ऑफ डाल्टनगंज के रोटरी स्कूल चैनपुर के परिसर में पॉल हैरिस की 280वीं प्रतिमा का अनावरण किया। उनके साथ रोटेरियन कंवर उदय सिंह पन्नू, गया रोटरी क्लब के रोटेरियन गोपाल कृष्ण गुप्ता तथा रोटरी क्लब डाल्टनगंज के रो.अवधेश तिवारी, रो. शर्तेंदु भूषण, रो. अरुणा भसीन, विद्यालय के प्राचार्य श्री अशलेश पांडेय व अन्य कई वरिष्ठ सदस्य, विद्यालय के शिक्षकवृंद, विद्यार्थी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।

यह पहली पॉल हैरिस प्रतिमा है जो रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3250 (झारखंड व बिहार) में स्थापित की गई है। जो इस आयोजन को और भी विशेष बनाती है। रोटेरियन पन्नू द्वारा आरंभ की गई यह इंटर-डिस्ट्रिक्ट मल्टी-क्लब अनावरण श्रृंखला, रोटरी के संस्थापक पॉल हैरिस की स्मृति को समर्पित है। वे अब तक 19 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 18 रोटरी जिलों में 281 प्रतिमाएँ स्थापित कर विश्व कीर्तिमान बना चुके हैं।

संस्था निस्वार्थ भावना से सेवा में लगी है 

अनावरण समारोह प्रातः 7:30 बजे संपन्न हुआ। सभी अतिथियों को तिलक लगाकर, पुष्पगुच्छ देकर, अंगवस्त्र एवं विद्यालय के स्मृति-चिह्न से क्लब के सदस्य एवं प्राचार्य अशलेश पांडेय ने सम्मानित किया। इस अवसर पर रोटरी क्लब के अध्यक्ष सह विद्यालय के चेयरमैन रो. अनुग्रह नारायण शर्मा ने अपने संदेश में बताया कि पॉल हैरिस का सपना आज पूरे विश्व में साकार हो रहा है क्योंकि यह संस्था निःस्वार्थ भावना से समाज की सेवा में लगी हुई है। हम सभी का परम कर्तव्य है कि उनके दिए गए वचन व पदचिह्नों का अनुसरण करें।

 

इस शुभ अवसर पर मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि रोटरी क्लब डाल्टनगंज एवं विद्यालय अत्यंत सराहनीय एवं प्रेरणादायक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने संस्था की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए रोटरी इंटरनेशनल के संस्थापक पॉल हैरिस की महान सोच एवं मानव सेवा के प्रति उनके समर्पण पर प्रकाश डाला।

नारी सशक्तिकरण पर दिया जोर : 

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने नारी सशक्तिकरण पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने वैदिक काल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी महिलाओं को सर्वोच्च स्थान प्राप्त था। भगवान ब्रह्मा ने जब विभिन्न विभागों का विभाजन किया, तो उन्होंने शिक्षा का दायित्व मां सरस्वती को सौंपा, रक्षा का दायित्व मां दुर्गा को, और वित्त विभाग का दायित्व मां लक्ष्मी को प्रदान किया।

इससे यह स्पष्ट होता है कि स्त्री शक्ति हर क्षेत्र में सक्षम रही है। नारी के बिना यह सृष्टि अधूरी है। वास्तव में, नारी केवल सहचर नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि की आधारशिला है।

कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रस्तुतियाँ दीं, जो सभी उपस्थित जनों को अत्यंत प्रभावित करने वाली रहीं।

विद्यालय के प्राचार्य श्री अशलेश कुमार पांडेय ने मुख्य अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट देकर आत्मीय स्वागत किया तथा अपने वक्तव्य में पॉल हैरिस की दूरदर्शिता, सामाजिक सेवा की भावना और उनके वैश्विक दृष्टिकोण को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया।

ये रहे उपस्थित :- 

मंच संचालन की जिम्मेदारी  स्मिता सिंह ने निभाई। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें  सत्येंद्र प्रसाद, पूनम कुमारी, नम्रता पांडेय, सुषमा अग्रवाल, हर्ष बाला, उमाकांत मिश्रा, एस. बी. पी. गुप्ता, नंदन तिवारी, राहुल भारद्वाज, रंजीत कुमार, रंजीत शर्मा, रामवरुण देव, अरविंद पांडेय, अजय दुबे, सुधा सिंह, प्रियांशु कश्यप, स्वाति दुबे, नेहा तिवारी, कामेश मेहता, मनोज यादव सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित रहीं।

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