LIVE PALAMU NEWS DESK/ गढ़वा: जिले के एसएफसी गोदाम से 9 हजार क्विंटल अनाज गायब होने का मामला सामने आया है। गायब अनाज की कीमत तीन करोड़ रुपये से अधिक है। मामला सामने आने के बाद झारखंड सरकार की खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता विभाग ने गढ़वा के उपायुक्त से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

विभाग ने गढ़वा के उपायुक्त को दो बार पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक सरकार को रिपोर्ट नहीं मिली है। मेराल प्रखंड स्थित गोदाम से भी करीब तीन हजार क्विंटल अनाज गायब करने का आरोप हैं। अनाज गायब होने का यह मामला गढ़वा जिले के केतार प्रखंड का है। वहां के एसएफसी गोदाम से लगभग तीन करोड़ रुपये मूल्य का नौ हजार क्विंटल अनाज गायब पाया गया है।
मामले के पकड़ में आने के बाद उपायुक्त दिनेश यादव ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए थें। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मेराल प्रखंड के गोजम स्थित गोदाम से भी अनाज गायब है। अनाज गायब होने के मामले की प्रारंभिक जांच में पीडीएस के तहत गरीबों को मिलने वाले चावल और गेहूं के गबन की पुष्टि हुई है।
पुलिस ने मेराल प्रखंड के सहायक प्रबंधक दीपक चंचल और केतार प्रखंड के सहायक प्रबंधक राजीव कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों पर लगभग चार करोड़ रुपये मूल्य के अनाज गबन का आरोप है।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि मेराल प्रखंड से लगभग 2,700 क्विंटल और केतार प्रखंड से करीब 9,000 क्विंटल, यानी कुल लगभग 12,000 क्विंटल अनाज सरकारी गोदामों से गायब पाया गया है। मामले में उपायुक्त दिनेश यादव से बात की। उन्होंने कहा कि जिले के दो सरकारी गोदामों में अनाज की कमी की पुष्टि हुई है। अपर समाहर्ता द्वारा मामले की जांच की जा रही है।