LIVE PALAMU NEWS DESK : CBI ने साहेबगंज जिले के नींबू पहाड़ अवैध पत्थर खनन की जांच के दौरान अपना दायरा बढ़ाते हुए नामजद अभियुक्तों के अलावा अफसरों और राजनीतिज्ञों तक कर लिया है। अब तक की जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर सीबीआई अब प्रभावशाली लोगों को नोटिस जारी करने की तैयारी में है।

नवंबर 2023 में दर्ज किया था नियमित केस

हाईकोर्ट के आदेश पर रांची सीबीआई ने विजय हांसदा द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी (6/22) को रि-रजिस्टर कर मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की थी। जिसके बाद सीबीआई ने इस मामले में नवंबर 2023 में नियमित केस दर्ज किया था। इस प्राथमिकी में आठ लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया।

जिसमें सुवेश मंडल, मंगलहाट निवासी,विष्णु प्रसाद यादव, पिता स्व. राज किशोर यादव, पवित्र कुमार यादव, पिता स्व. राज किशोर यादव, पंकज मिश्रा, पिता लक्ष्मीकांत मिश्रा, राजेश यादव, पिता पशुपति नाथ यादव, संजय कुमार यादव, पिता द्वारिका यादव, बच्चू यादव, पिता राम नाथ यादव, संजय यादव, पिता बलराम यादव का नाम शामिल है।

अब तक फरार है दाहू यादव

सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी के नामजद अभियुक्तों के खिलाफ ईडी जांच कर न्यायालय में आरोप पत्र दायर कर चुकी है। साथ ही राजेश यादव उर्फ दाहू यादव को छोड़ कर सभी जेल जा चुके है। पहले चरण में ईडी की पूछताछ में दाहू यादव हाजिर हुआ। लेकिन पारिवारिक सदस्यों की बीमारी के नाम पर बाद में आने का वायदा कर वह फरार हो गया।

सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका रद्द करते हुए जांच अधिकारी के समक्ष हाजिर होने का आदेश दिया था। लेकिन उसने ईडी को पत्र लिख कर बीमार होने की वजह से हाजिर होने के लिए एक महीने का समय मांगा। हालांकि वह कभी हाजिर नहीं हुआ और अब तक फरार चल रहा है।

अवैध खनन से जुड़े 20 ठिकानों को किया शामिल

सीबीआई ने नियमित प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मामले में जांच की गति तेज कर दी थी। इस दौरान सीबीआई की टीम कई बार साहिबगंज गई। वहां कैंप कर अवैध खनन का जायजा लिया। स्थानीय लोगों से पूछताछ की। जिसके बाद नोटिस भेज कर पत्थर खनन से जुड़े लोगों को बुला कर उनका बयान भी दर्ज किया। इसी क्रम में नामजद अभियुक्तों के अलावा अन्य लोगों के भी अवैध खनन में शामिल होने और उन्हें संरक्षण देने के सबूत के आधार पर पिछले साल नवंबर में अवैध खनन से जुड़े लोगों के 20 ठिकानों को शामिल किया।

जिसमें साहिबगंज, पटना और कोलकाता से जुड़े लोगों के ठिकाने शामिल थे। इतना ही नहीं जांच का दायरा बढ़ाते हुए CBI ने साहिबगंज के तत्कालीन जिला खनन पदाधिकारी (DMO) को भी छापामारी के दायरे में शामिल किया था। जहां DMO के ठिकानों से 50 लाख रुपये के जेवरात और 1.5 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से संबंधित दस्तावेज जब्त किये गए थे।

प्रभावशाली लोगों के खिलाफ नोटिस जारी करने की तैयारी में

इसके अलावा अन्य के ठिकानों से 60 लाख रुपये नकद और एक किलोग्राम सोना और 9mm की गोलियां भी जब्त की थी। छापामारी के बाद संबंधित लोगों से हुई पूछताछ के दौरान CBI को अवैध खनन के मामले में अधिकारियों और राजनीतिज्ञों के शामिल होने से संबंधित जानकारी मिली थी। इधर, सुप्रीम कोर्ट से सरकार की याचिका खारिज होने के बाद अब तक हुई जांच के दौरान मिले सबूतों और बयान के आधार पर CBI अधिकारियों समेत प्रभावशाली लोगों के खिलाफ नोटिस जारी करने की तैयारी में है।

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