चतरा : समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में उपायुक्त कीर्तिश्री की अध्यक्षता में इटखोरी प्रखंड के महाने नदी तट पर कथित फर्जी बंदोबस्ती कर अवैध रूप से कराए जा रहे चाहरदीवारी निर्माण को रोकने संबंधी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि फर्जी तरीके से की गई बंदोबस्ती की जांच कर उसे फ़ॉर-एच (4-H) के तहत तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, साथ ही जमाबंदी और रसीद निर्गमन पर रोक लगाई जाए।

महाने नदी के तट पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य को पूर्णतः प्रतिबंधित करने को भी कहा गया। अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने यह भी निर्देशित किया कि इस प्रकरण में जिन भी कर्मियों या पदाधिकारियों की संलिप्तता पाई जाएगी, उन पर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बताया गया कि मामला संज्ञान में आने के बाद उपायुक्त के निर्देशानुसार एक जांच टीम का गठन किया गया था। प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर ही आगे की कार्रवाई हेतु यह निर्णय लिया गया है। उपायुक्त ने कहा कि सरकारी भूमि एवं नदी तटों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और अवैध कब्जे या अनियमित बंदोबस्ती के किसी भी प्रयास को कड़ाई से रोका जाएगा।
ये रहें उपस्थित :
बैठक में अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया सन्नी राज, अनुमंडल पदाधिकारी चतरा जहूर आलम, अंचल अधिकारी इटखोरी सविता सिंह, अंचल के अमीन, संबंधित राजस्व उप-निरीक्षक सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।