मेदिनीनगर : सोमवार से झारखंड में ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन (AITE–2026) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस अभियान के तहत बाघ के साथ-साथ अन्य मांसाहारी और बड़े शाकाहारी जानवरों की मौजूदगी, उनकी आवाजाही और रहन-सहन से जुड़े आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। अभियान की शुरुआत के साथ ही पलामू टाइगर रिज़र्व से अच्छी खबर सामने आई है।

सर्वे के दौरान यहां बाघ का स्पष्ट पगमार्क मिला है, जिससे क्षेत्र में बाघ की सक्रिय मौजूदगी की पुष्टि हुई है। इसके अलावा तेंदुआ और भेड़िया के भी निशान पाए गए हैं, जो इलाके की समृद्ध जैव-विविधता को दर्शाते हैं। आज शुरू हुई इस प्रक्रिया में 110 वनरक्षी, 300 ट्रैकर्स और 25 प्रशिक्षित वॉलंटियर्स शामिल रहे।

पदचिह्न, मल, खरोंच जैसे संकेतों की तलाश में जुटी टीम :

सभी टीमों को टाइगर रिज़र्व के अलग-अलग रेंज और बीट क्षेत्रों में लगाया गया है। टीमें जंगल में जाकर जानवरों के पदचिह्न, मल, खरोंच जैसे संकेतों की तलाश कर रही हैं और उनका रिकॉर्ड तैयार कर रही हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में मिले पगमार्क और अन्य संकेतों की वैज्ञानिक जांच की जाएगी।

इसके साथ ही पूरे टाइगर रिज़र्व क्षेत्र को चरणबद्ध तरीके से कवर किया जाएगा। आगे चलकर कैमरा ट्रैप लगाए जाएंगे और एकत्र किए गए आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि AITE–2026 की शुरुआत के पहले ही दिन मिले सकारात्मक संकेत पालामू टाइगर रिज़र्व में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को और मजबूत करेंगे।

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