चतरा : गुरुवार को उपायुक्त कीर्तिश्री ने मयूरहंड प्रखंड क्षेत्र का दौरा कर करमा गांव में स्थापित जैविक संसाधन केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह फीता काटकर एवं नारियल फोड़कर संपन्न हुआ। इस अवसर पर पौधारोपण भी किया गया।

कार्यक्रम में महिला मंडल की महिलाओं द्वारा उपायुक्त सहित प्रखंड विकास पदाधिकारी मनीष कुमार, जिला परिषद सदस्य देवेंद्र चंद्रवंशी, जिला इंटीग्रेटेड प्रधान प्रेम कुमार, मुखिया रामनाथ यादव, 20 सूत्री प्रखंड अध्यक्ष रामभरोस यादव समेत अन्य अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उपायुक्त कीर्तिश्री ने कहा कि जैविक संसाधन केंद्र महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने कार्यों के माध्यम से समाज में पहचान बना रही हैं। महिला समूहों को प्रशिक्षण देकर और अधिक सशक्त किया जाएगा तथा उन्हें मिड-डे मील सहित अन्य योजनाओं से जोड़कर रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि इस मॉडल को पूरे जिले में प्रचारित किया जाएगा, ताकि चतरा जिला ऑर्गेनिक जिला के रूप में स्थापित हो सके। उद्घाटन के पश्चात उपायुक्त ने जैविक संसाधन केंद्र का निरीक्षण किया तथा वहां तैयार किए जा रहे जैविक उत्पादों की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान शिवांग खाद्य, एलोवेरा रस, निर्मास्त्र, महुआस्त्र, जीवामृत, बाहुबिज एवं वर्मी कंपोस्ट सहित अन्य उत्पादों का अवलोकन किया गया।

केंद्र का संचालन कर रही महिला मंडल की सदस्यों ने बताया कि जैविक खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है एवं फसलों को प्राकृतिक पोषण मिलता है। रासायनिक खाद के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जबकि जैविक खाद मिट्टी को सशक्त बनाती है। जैविक खाद गोबर एवं खरपतवार से तैयार की जाती है, जिससे किसानों का आर्थिक बोझ कम होता है और उत्पादन लागत घटती है।

 

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