LIVE PALAMU NEWS DESK: ‘काम लड़कों से ज्यादा कराते हैं, उम्मीद लड़कों से ज्यादा रखते हैं और एग्जाम में पास लड़कियों को कर देते हैं और नंबर भी लड़कियों को ज्यादा देते हैं।’ ऐसा मानना है इंटरमीडिएट के एक विद्यार्थी का, जिसने यह अपनी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिका में लिख दिया।

इतिहास विषय की उत्तर पुस्तिका में विद्यार्थी ने सामान्य तरीके से प्रश्नों के उत्तर लिखे, जो न तो बहुत ज्यादा अच्छे से लिखे थे और न ही ज्यादा गलत तरीके से लिखे थे। लेकिन जो प्रश्न उसे आते थे, उन्हें करने के बाद विद्यार्थी ने परीक्षक से पास करने की अपील करते हुए यह लाइनें लिख दीं।

शिक्षक राजीव त्यागी ने बताया कि हर साल इस तरह की कुछ उत्तर पुस्तिकाएं मिल जाती हैं। जिसमें विद्यार्थी अपने मन से कुछ भी लिख देते हैं। कुछ विद्यार्थी प्रश्नों का ज्यादा लंबा उत्तर लिखते हुए कापी भरने के लिए अलग से कुछ बातें, गीत या कुछ भी लिख देते हैं।

कुछ इस तरह का नोट उन्हें शुक्रवार को मूल्यांकन कार्य के दौरान उत्तर पुस्तिका में लिखा हुआ मिला। उनका कहना है कि कापी छात्र या छात्रा किसी की भी हो सकती है, लेकिन विद्यार्थी के मन में लड़के और लड़कियों में भेदभाव की सोच दिमाग में चल रही थी, उसे उत्तर पुस्तिका में लिख दिया।

इस साल यूपी बोर्ड उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में कई बदलाव किए गए हैं। जिसमें एक बड़ा बदलाव मूल्यांकन कार्य में शामिल होने वाले शिक्षकों को लेकर किया गया।

हर साल जरूरत पड़ने पर मूल्यांकन केंद्र द्वारा कापी जांचने के अपने स्तर से ही शिक्षक शामिल कर लिए जाते थे, लेकिन इस साल बाहरी शिक्षक मूल्यांकन कार्य नहीं कर सकेंगे।

केवल सरकार द्वारा अधिकृत व जारी पूरक सूची के शिक्षक ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के पात्र होंगे। बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल उन्हीं शिक्षकों से मूल्यांकन कार्य कराया जाएगा, जिनके नाम सूची में हैं। जिससे मूल्यांकन में गोपनीयता और शुद्धता बनी रहे।

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