मेदिनीनगर : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी समीरा एस की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी,जिसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी।

बैठक में राशन कार्ड डिजिटाइजेशन,एनएफएसए एवं जेएसएफएसएस के तहत खाद्यान्न वितरण,ई-केवाईसी,लंबित आवेदनों, शिकायत निवारण एवं धान अधिप्राप्ति सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गयी।

समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश :

बैठक के दौरान बताया गया कि जिले में कुल चार लाख से अधिक राशन कार्डधारक परिवारों के 15 लाख से अधिक सदस्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आच्छादित हैं।उपायुक्त ने राशन कार्ड से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि नये राशन कार्ड, सदस्य जोड़ने एवं अन्य लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें।

मार्च 2026 में एनएफएसए के तहत खाद्यान्न वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में लगभग 93 प्रतिशत लाभुकों तक खाद्यान्न वितरण किया गया।उपायुक्त ने शेष लाभुकों तक भी समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

वितरण प्रणाली को करें और अधिक सुदृढ़ :

अप्रैल 2026 के लिए खाद्यान्न उठाव एवं डोर-स्टेप डिलीवरी की समीक्षा के दौरान बताया गया कि खाद्यान्न का उठाव लगभग 100 प्रतिशत किया गया है,जबकि डोर-स्टेप डिलीवरी की प्रगति लगभग 65 प्रतिशत रही। इस दौरान हुसैनाबाद डिपो से टैग्ड ब्लॉक की डोर-स्टेप डिलीवरी अपेक्षाकृत कम पाया गया।

इस पर डीसी ने संबंधित एजीएम व एमओ से इस संबंध में जानकारी ली।उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने तथा शत-प्रतिशत लाभुकों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने के निर्देश दिये।

शीघ्र पूर्ण करें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के सभी लाभुकों का ई-केवाईसी :

बैठक में ई-केवाईसी की प्रगति की भी समीक्षा की गयी। उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के सभी लाभुकों का ई-केवाईसी शीघ्र पूरा कराया जाए ताकि वास्तविक लाभुकों को ही योजनाओं का लाभ मिल सके।इस दौरान मनातू में सबसे कम लाभुकों का ही ई-केवाईसी कराये जाने की बात प्रकाश में आयी।

डीसी ने संबंधित को इसमें तेज़ी लाने हेतु निर्देशित किया गया।वहीं छत्तरपुर में चना दाल वितरण की समीक्षा के दौरान कम वितरण होने संबंधी कारणों की जानकरी ली गयी।इसके अतिरिक्त सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना,चना दाल एवं नमक वितरण तथा अपात्र लाभुकों की पहचान और विलोपन की प्रगति की भी समीक्षा की गयी।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पारदर्शिता बनाए रखते हुए योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक सुनिश्चित किया जाये।बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रीति किस्कू,सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी,सहायक गोदाम प्रबंधक समेत अन्य उपस्थित रहे।

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