लाइव पलामू न्यूज: केंद्र सरकार की ड्रग रेगुलेट्री संस्था CDSCO की ताजा रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, भारत के औषधि नियामक द्वारा गुणवत्ता परीक्षण में कैल्शियम और विटामिन डी3 सप्लीमेंट्स, मधुमेह रोधी गोलियां और उच्च रक्तचाप की दवाइयों सहित 50 से अधिक दवाइयां फेल हो गयी है। इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस मामले में चिंता जतायी है।
लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि जिन कंपनियों की दवाइयां फेल हुई हैं, उनमें से कई कंपनियों ने राजनीतिक दलों को करोड़ों का चंदा दिया था। इस रिपोर्ट से हुए खुलासे के बाद हेमंत सोरेन ने कहा कि बेहद शर्मनाक बात है इलेक्टोरल बांड की लूट में आम दवाओं को भी नहीं छोड़ा गया। स्थिति बेहद चिंताजनक है। आम देशवासियों के स्वास्थ्य के साथ ऐसा क्रूर खेल तत्काल बंद होना चाहिए।
रिपोर्ट के अनुसार Paracetamol, PAN-D, PANTOCID और TELMA-H जैसी ब्रांडेड दवाइयां भी क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गई हैं। CDSCO ने दो भागों में रिपोर्ट प्रकाशित की है। जिनमें पहली रिपोर्ट में 48 दवाइयों के नाम हैं और दूसरी रिपोर्ट में 5 दवाइयों के नाम हैं। दूसरी रिपोर्ट इसलिए अलग से जारी की गई है क्योंकि इन दवाइयों को बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि इस संस्था ने जिस बैच की दवाइयों की जांच की, वो नकली हैं और इन कंपनियों ने इन दवाइयों को नहीं बनाया है।