लाइव पलामू न्यूज/मेदिनीनगर: सोमवार को झारखंड राज्य सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा ने शिक्षा मंत्री बैजनाथ राम, वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव एवं गिरीडीह विधायक सुदीप्य कुमार सोनू की शव यात्रा निकाली। शवयात्रा जिला स्कूल से प्रारंभ हुई और बाजार होते हुए छहमुहान पहुंची। जहां शवनुमा पुतले को फूंका गया। इस दौरान झारखंड सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गयी।

कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे संघर्ष मोर्चा के सदस्य सह झारखंड राज्य सहयोगी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी ने कहा कि 28 सितंबर को हमारी सरकार से वार्ता हुई थी।
जिसमें यह सहमति बनी थी कि सहायक अध्यापकों को इपीएफ, अनुकंपा का लाभ, कल्याण कोष का लाभ आदि दिया जाएगा, लेकिन कैबिनेट में इसे पारित नहीं किया गया।

 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 2019 के चुनाव में कई मंचों से बोला था कि सरकार बनने पर 3 महीने के भीतर पारा शिक्षकों को सरकारी शिक्षक बना दिया जाएगा। यह दुर्भाग्य है कि अब अगला चुनाव आ गया और अभी तक सरकार अपने वादे पर अमल नहीं कर रही है। ऐसी वादा खिलाफी के कारण झारखंड के सहायक अध्यापकों में भारी आक्रोश है।

सरकार के व्यवहार से तंग आकर संघर्ष मोर्चा ने संयुक्त रूप से आंदोलन की घोषणा की है। जिसका समर्थन टेट उत्तीर्ण शिक्षकों ने भी किया है। वहीं सहायक अध्यापक 15 अक्टूबर (मंगलवार) को हड़ताल पर रहेंगे और 17 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।

शवयात्रा में जिला मीडिया प्रभारी विनीत दुबे, धन्नजय यादव, महेंद्र कुमार सिंह, जयराम उरांव, नान्हु बारला, दिलीप तिवारी, जनेश्वर सिंह, इमामुद्दीन अंसारी, अजय प्रसाद गुप्ता, नेजामुददीन अंसारी सहित अन्य लोग मौजूद थें।

 

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