लाइव पलामू न्यूज/मेदिनीनगर: झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता अभिषेक सिंह ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए असम के मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता हिमंता बिस्वा सरमा के हालिया बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि उनका यह बयान न केवल झारखंड की महिलाओं का, बल्कि पूरे राज्य का अपमान है। कल्पना सोरेन सिर्फ एक नाम नहीं हैं; वे झारखंड की अस्मिता, संघर्ष और गौरव का प्रतीक हैं। उनका व्यक्तित्व महिला सशक्तिकरण और समाज में समानता के लिए प्रेरणास्रोत है। हम हिमंता बिस्वा सरमा से इस गैरजिम्मेदाराना बयान पर तत्काल माफी की मांग करते हैं।
कल्पना सोरेन झारखंड की शान और हमारे राज्य के उन आदिवासी मूल्यों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिनमें समाज के हर वर्ग के लिए समानता, सम्मान और अधिकारों की बात की गई है। झारखंड की मातृशक्ति ने हमेशा संघर्ष का नेतृत्व किया है और समाज में महिलाओं के लिए नई राहें बनाई हैं। कल्पना सोरेन जैसे व्यक्तित्व ने महिला सशक्तिकरण को एक नई ऊंचाई दी है, और उनके कार्यों ने कई महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया है। उनका जीवन उन सभी के लिए प्रेरणा है जो समाज में बदलाव लाने के लिए संघर्षरत हैं।
हिमंता बिस्वा सरमा का यह बयान पूरी तरह से अपमानजनक है। यह बयान केवल एक महिला का अपमान नहीं है, बल्कि झारखंड की सभी महिलाओं के संघर्ष और उनके योगदान का अपमान है। इस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल राजनीति में स्वीकार्य नहीं है और यह हमारे समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान के भाव को ठेस पहुंचाता है। एक मुख्यमंत्री के रूप में हिमंता बिस्वा सरमा से यह अपेक्षा नहीं की जाती कि वे इस तरह के बयान दें, जो समाज में महिलाओं को नीचा दिखाते हैं। उनका यह रवैया यह दर्शाता है कि भाजपा की विचारधारा में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता का अभाव है।
हम झारखंड मुक्ति मोर्चा के सभी कार्यकर्ता और समर्थक, झारखंड की जनता के साथ मिलकर इस बयान की निंदा करते हैं और हिमंता बिस्वा सरमा से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हैं। यदि वे माफी नहीं मांगते, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि भाजपा के लिए महिला सम्मान कोई मायने नहीं रखता और वे केवल राजनीति के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने हमेशा राज्य की महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाई है और उनकी उन्नति के लिए प्रयास किए हैं। कल्पना सोरेन हमारे समाज में महिलाओं के लिए एक मिसाल हैं और हम उनके सम्मान की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। झारखंड की महिलाओं का सम्मान हमारा गर्व है और हम इसे किसी भी हाल में ठेस नहीं पहुंचने देंगे। हम भाजपा के नेताओं से आग्रह करते हैं कि वे राजनीति में भाषा और मर्यादा का ध्यान रखें और झारखंड की अस्मिता का अपमान न करें।
झारखंड की जनता से भी मेरी अपील है कि वे हिमंता बिस्वा सरमा के इस बयान का विरोध करें और झारखंड के मान-सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट रहें। झारखंड मुक्ति मोर्चा हमेशा झारखंड के सम्मान और हमारे लोगों के अधिकारों के लिए खड़ा रहेगा।
