लाइव पलामू न्यूज: शुक्रवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही लोक आस्था का महापर्व छठ संपन्न हुआ। व्रतियों ने सुबह 06 बजकर 32 मिनट पर उदीयमान सूर्यदेव को अर्घ्य दिया और धन, धान्य और आरोग्य की कामना की। अर्घ्य देने के बाद व्रतियों ने पारण कर निर्जला उपवास को पूरा किया। मान्यताओं के अनुसार, सूर्य षष्ठी व्रत आरोग्य की प्राप्ति, सौभाग्य और संतान के लिए रखा जाता है। स्कंद पुराण के अनुसार, राजा प्रियव्रत को कुष्ट रोग हो गया था। जिससे मुक्ति के लिए उन्होंने छठ व्रत किया था। स्कंद पुराण में इस व्रत को प्रतिहार षष्ठी कहा गया है। वर्षकृत्यम में भी छठ की महत्ता का वर्णन है। बताते चलें कि आस्था का महापर्व साल में दो बार चैत्र और कार्तिक मास में मनाया जाता है।