लाइव पलामू न्यूज: गुरुवार (5 दिसंबर को) बिटकॉइन में रिकॉर्ड उछाल दर्ज किया गया है। बिटकॉइन ने $100,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया, जो कि क्रिप्टोकरेंसी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अमेरिका के नए राष्ट्रपति के रूप में चुने गए डोनाल्ड ट्रंप के कारण बिटकॉइन को ताकत मिली है। बिटकॉइन इकोसिस्टम को इस बात की उम्मीद है कि ट्रंप प्रशासन क्रिप्टोकरेंसी के लिए अनुकूल नियामक वातावरण बनाएगा। जिससे इस साल बिटकॉइन कीमत दोगुनी से भी अधिक हो गई है और ट्रंप की जीत के बाद के बाद चार हफ्ते में इसमें 45 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

आलोचकों और विवादों के इतिहास के बाद भी 16 साल से अधिक समय के बाद बिटकॉइन मुख्यधारा में लौटता नजर आ रहा है। उल्लेखनीय है कि बिटकॉइन की 2022 के अंत में 16,000 डॉलर से नीचे की गिरावट के बाद वापसी तेजी से हुई है, जिसे इस साल जनवरी में यू.एस.लिस्टेड बिटकॉइन एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों की मंजूरी से बढ़ावा मिला है।
बिटकॉइन की कीमत में उछाल का असर संबंधित सेक्टर्स पर भी नजर आ रहा है। बिटकॉइन माइनिंग कंपनी MARA होल्डिंग्स के शेयरों में अकेले नवंबर में 65 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ब्लैकरॉक के बिटकॉइन ETF पर ऑप्शन ट्रेडिंग भी मजबूत रही है। कॉल ऑप्शन-कीमत बढ़ने पर दांव-पुट से 22 से 1 के रेश्यो में अधिक है।
हालांकि बिटकॉइन ने इतिहास में सबसे तेज उछाल को पार नहीं किया है। 2017 में, बिटकॉइन ने जनवरी में $1,000 से दिसंबर में $20,000 तक 1,900% की बढ़ोतरी दर्ज की थी। वहीं 2020 में COVID-19 महामारी के दौरान मार्च में $5,100 से नवंबर 2021 में $69,000 तक 1,250% की बढ़ोतरी दर्ज की थी।