लाइव पलामू न्यूज: काका यानी ‘राजेश खन्ना’ उनका नाम जेहन में आते ही एक ऐसी शख्सियत की तस्वीर उभर कर सामने आती है जिसने अपनी अदाकारी से लोगों के दिल में अमिट छाप छोड़ी। आज काका की 82वीं बर्थ एनिवर्सरी है। उनके निभाए हर किरदार ने लोगों को उनसे बखूबी जोड़ा। एक जमाना था जब राजेश की अदाओं पर लड़कियां मर मिटती थीं। उनकी सफेद कार लिपिस्टिक से लाल कर देती थीं। जैसी फैन फॉलोइंग ‘काका’ की थी, वैसी किसी की नहीं रही।

कहा जाता है कि सिनेमाघर में बैठे दर्शक उन्हें अपने जैसा ही समझते थें। इसी कारण वे इस कद का सुपरस्‍टार बने कि आज भी उसका कोई सानी नहीं है। राजेश खन्ना ने सक्सेस के साथ-साथ खूब पैसा भी कमाया और अरबो की प्रॉपर्टी के मालिक बनें। हालांकि राजेश खन्ना की डिंपल कपाड़िया से शादीशुदा जिंदगी कुछ खास नहीं रही। कुछ उम्र का फासला रहा, कुछ राजेश की आदतें इनकी शादीशुदा जिंदगी खुशनुमा नहीं रह सकी।

राजेश से शादी होने के बाद डिंपल खुद को दुनिया की सबसे खुशनसीब लड़की मानती थीं। राजेश और डिंपल दो बेटियों ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना के माता-पिता बने। लेकिन धीरे-धीरे परिवार बिखर गया। समय के साथ राजेश खन्ना का स्टारडम फीका पड़ने लगा, अमिताभ बच्चन का जमाना आ गया। कुछ राजेश का अक्खड़पन, कुछ अपनी तरह से जीने का अंदाज ऐसा रहा कि रिश्तों में टूट और फिल्मों में मिली असफलता ने उन्हें बुरी तरह तोड़ दिया। वे डिप्रेशन में रहने लगे। अचानक साल 2011 में राजेश की तबीयत बिगड़ी तो फिर उन्होंने बिस्तर पकड़ लिया।

चेकअप हुआ तो कैंसर का पता चला। राजेश खन्ना आखिरी समय में अपनी फिल्म ‘आनंद’ के किरदार की तरह जिए। उनके करीबी भूपेश रसीन ने बताया था कि राजेश अपनी मौत के करीब साल भर पहले समझ चुके थे कि अब उनके पास ज्‍यादा समय नहीं है। इस कारण राजेश की पर्सनल लाइफ काफी प्रभावित हुई। कहा जाता है कि अपने आखिरी पलों में राजेश खन्ना खामोश रहते थे। उनकी बस यही तमन्ना थी कि उनकी बेटियां आंखों के सामने रहे। ऐसे समय में अपनी प्रेग्नेंसी की वजह से ट्विंकल कम आ पाती थीं। लेकिन रिंकी हमेशा उनके पास रहीं।

इस समय डिंपल कपाड़िया ने उनकी बड़ी तीमारदारी की। राजेश को अपने अंतिम समय का आभास हो गया था। उन्हें पता था कि वे कभी भी दुनिया से विदा हो सकते हैं। इसलिए उन्होंने अपनी वसीयत बनवाई। जिसमें उन्होंने अपनी सारी संपत्ति दोनों बेटियों को सौंप दिया। डिंपल को राजेश खन्ना से कुछ नहीं चाहिए था। उन्होंने कहा था, ‘मुझे कुछ नहीं चाहिए ,जो देना है अपने बच्चों को दे दीजिए’।

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