लाइव पलामू न्यूज: शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना आठवां बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि न्यू टैक्स बिल अगले हफ्ते सदन में रखा जाएगा। नए इनकम टैक्स बिल का फोकस मिडिल क्लास पर होगा। उन्होंने ऐलान किया कि सीनियर सिटिजन के लिए टैक्स डिडेक्शन 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपया किया जाता है। वहीं 12 लाख तक की आय पर टैक्स नहीं लगेगा। 12-16 लाख की इनकम पर 15 प्रतिशत टैक्स और 16-20 लाख की इनकम पर 20 प्रतिशत और 20-25 लाख की इनकम पर 25 प्रतिशत टैक्स लगेगा। वहीं 6 लाख तक के किराये पर कोई टीडीएस नहीं लगेगा।

इसके साथ ही, सरकार ‘भारत ट्रेड नेट’ (BTN) नामक एक डिजिटल बुनियादी ढांचे की शुरुआत करेगी जो कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के दस्तावेजीकरण और वित्तीय समाधान में मदद करेगा, जिससे वैश्विक व्यापार में शामिल व्यवसायों के लिए प्रक्रियाएं सरल बनायी जाएंगी।

इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 5 लाख रुपये तक बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को अधिक वित्तीय सहायता मिलेगी और उनकी कृषि गतिविधियों में मदद मिलेगी। इसके साथ ही उन्हें अनौपचारिक उधारी से छुटकारा मिलेगा।

वित्त मंत्री ने इस दौरान प्रधानमंत्री धन ध्यान कृषि योजना का ऐलान किया, जिसके तहत 100 जिलों में काम किया जाएगा जहां फसल की उपज कम है, आधुनिक फसल तकनीक की कमी है और वित्तीय सहायता कम है। इस योजना से 1.7 करोड़ किसानों को फायदा होगा, जिससे उन्हें सरकार की योजनाओं और सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी। सरकार कृषि, कर, बिजली, खनन और शहरी विकास जैसे अहम क्षेत्रों में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो समग्र विकास और कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य एक विकसित भारत बनाना है, जिसमें गरीबी उन्मूलन, सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना शामिल है। सरकार के अनुसार, अगले पांच साल हमारे देश के लिए एक महत्वपूर्ण समय होगा, जिसमें विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार होंगे।

ये घोषणाएं हुईं:-

गिग अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सरकार ई-श्रम प्लेटफॉर्म पर एक करोड़ गिग श्रमिकों के लिए पहचान पत्र और पंजीकरण की व्यवस्था करेगी।

ऊर्जा क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा मिशन के लिए 20,000 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया जाएगा, जिसका लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता प्राप्त करना है। इसके साथ ही, पावर वितरण कंपनियों में सुधार को बढ़ावा दिया जाएगा, और राज्य सरकारों को इन सुधारों के लिए अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 0.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त उधारी लेने की अनुमति दी जाएगी।

सरकार पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाली महिला, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के उद्यमियों को 2 करोड़ रुपये तक का ऋण प्रदान करेगी। जिसका उद्देश्य वंचित समुदायों के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देना और सशक्त बनाना है।

आवास क्षेत्र में 2025 तक 40,000 अतिरिक्त किफायती आवास इकाइयां पूरी करने की योजना है, जिससे निम्न-आय वर्ग के परिवारों की आवास संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा सके।

देश भर में 200 कैंसर देखभाल केंद्र खोले जाएंगे। जिससे कैंसर रोगियों को बेहतर इलाज और उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार AI एक्सिलेंस केंद्र स्थापित करेगी, जो शोध और विकास को बढ़ावा देने का काम करेंगे।

इसके अलावा, बिहार में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान की स्थापना की जाएगी, जो राज्य के कृषि और खाद्य उद्योग को समर्थन देगा।

अगले साल से मेडिकल कॉलेजों में 10,000 अतिरिक्त सीटें बढ़ाने की घोषणा की है। इस कदम से देश में चिकित्सा पेशेवरों की कमी को दूर करने और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

सरकार की कनेक्टिविटी बढ़ाने के प्रयासों के तहत संशोधित उड़ान योजना के तहत 120 नए गंतव्यों को जोड़ा जाएगा, जिससे 4 करोड़ अतिरिक्त यात्री लाभान्वित होंगे।

बिहार में एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा भी बनाया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय हवाई यात्रा बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा।

सरकार पश्चिम कोशी नहर के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे बेहतर जल प्रबंधन में मदद मिल सके.
असम के नामरूप में एक नया उर्वरक संयंत्र स्थापित किया जाएगा, जिसकी क्षमता 12.7 लाख टन प्रति वर्ष होगी। यह परियोजना स्थानीय कृषि और उर्वरक उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायक होगी।

स्वच्छ प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नया मिशन शुरू किया जाएगा, जो इस क्षेत्र में निर्माण को प्रोत्साहित करेगा और देश में सतत विकास में योगदान देगा।

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