लाइव पलामू न्यूज/मेदिनीनगर : अब जिले के नगर निकायों समेत मेदिनीनगर नगर निगम के सभी आरओ वॉटर प्लांट संचालकों को प्लांट चलाने के लिए नगर निगम समेत सभी निकायों से लाइसेंस लेना आवश्यक होगा। इसके लिए पांच हजार रुपये निबंधन शुल्क व 20 हजार रुपये वार्षिक शुल्क के रूप में जमा करना होगा।

इन जगहों पर नहीं हो पाएगा प्लांट संचालन:-

नगर निकायों के ड्राइ जोन जहां पानी के लिए लोगों को गर्मी के दिनों में परेशान होना पड़ता है, वहां किसी भी वॉटर प्लांट को संचालित करने का लाइसेंस नहीं मिलेगा। इस संबंध में गुरुवार को मेदिनीनगर नगर निगम के नगर आयुक्त सह प्रशासक जावेद हुसैन ने आदेश जारी किया है।

इस आदेश के अनुसार नगर विकास एवं आवास विभाग,रांची के अधिसूचना संख्या 3370, दिनांक 06.09.24 के आलोक में सभी जल आपूर्ति अभिकरण को नगर निगम समेत निकायों से अनुज्ञप्ति प्राप्त करना आवश्यक होगा।

मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र में संचालित सभी आरओ वॉटर प्लांट संचालकों को निर्देशित किया गया है कि अगर वे 15 दिनों के अंदर लाइसेंस नहीं लेते हैं तो निगम ऐसे प्लांट पर 50 हजार रुपया जुर्माने के साथ प्लांट भी सील करेगा।

उल्लेखनीय है कि पलामू जिले में मेदिनीनगर नगर निगम, विश्रामपुर नगर परिषद, हुसैनाबाद नगर पंचायत, हरिहरगंज नगर पंचायत व छतरपुर नगर पंचायत शामिल हैं। जहां कुल मिलाकर तीन सौ से अधिक आरओ वाटर प्लांट का संचालन किया जाता है।

इन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता

आरओ वॉटर प्लांट के निबंधन के लिए प्लांट संचालक को आधार कार्ड, कंपनी या फर्म रजिस्ट्रेशन का कागजात, बिजली बिल, होल्डिंग रसीद, केंद्रीय भूगर्भ जल प्राधिकार का एनओसी व रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के कागजात जमा करने होंगे।

कागजातों की जांच के बाद निगम संबंधित प्लांट को लाइसेंस जारी करेगा।

आरओ वाटर प्लांट के निबंधन की प्रक्रिया को चार कैटेगरी में बांटा गया है, जिसके आधार पर लाइसेंस दिया जाएगा।

सेफ जोन- जहां पानी की किल्लत नहीं है, वहां लाइसेंस आसानी से दिया जाएगा।

सेमी क्रिटिकल जोन- मार्च 2026 तक प्लांट संचालन का लाइसेंस दिया जाएगा।

क्रिटिकल जोन- मार्च 2025 के लिए लाइसेंस जारी किया जाएगा।

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