लाइव पलामू न्यूज : सीबीआई जांच में जेपीएससी -2 में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। दरअसल, आयोग के पदाधिकारियों के अलावा दूसरे मनपसंद परीक्षार्थियों के नंबर बढ़ा कर मुख्य परीक्षा में पास कराया गया। इतना ही नहीं इंटरव्यू में ज्यादा नंबर देकर अलग अलग सेवाओं में बेहतर रैंक भी दिया गया। सीबीआइ ने जांच रिपोर्ट में इन तथ्यों का उल्लेख किया है। इसके साथ ही किन परीक्षार्थीयों के किन किन विषयों में नंबर बढ़ाया गया उसका भी उल्लेख किया गया है।

सीबीआइ की रिपोर्ट के अनुसार जेपीएससी की तत्कालीन सदस्य शांति देवी के भाई विनोद राम को परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी कर लाभ दिया गया। विनोद राम को मुख्य परीक्षा में 750 नंबर मिले थे। जबकि प्रशासनिक सेवा में चुने जाने के लिए अनुसूचित जाति (एससी) का कटऑफ मार्क्स 979 था। इस कारण विनोद का चयन प्रशासनिक सेवा में नहीं हो सकता था।
लेकिन उन्हें इंटरव्यू में बुलाया गया और राज्य प्रशासनिक सेवा के लिए चुन लिया गया। राधा प्रेम किशोर ने मुख्य परीक्षा में कुल 763 नंबर प्राप्त किए थें। पुलिस सेवा के लिए अनुसूचित जाति के लिए कट ऑफ मार्क्स 913 था। मुख्य परीक्षा में उनका नंबर बढ़ा कर इंटरव्यू में बुलाया गया और राज्य पुलिस सेवा के लिए सफल घोषित कर डीएसपी के पद पर नियुक्ति की अनुशंसा की गयी।

मुकेश कुमार महतो का चयन ओबीसी श्रेणी से राज्य पुलिस सेवा के लिए किया गया था। उन्हें मुख्य परीक्षा में नंबर बढ़ा कर इंटरव्यू के लिए बुलाया गया और इंटरव्यू में 120 नंबर दे कर पुलिस सेवा के मेरिट लिस्ट में छठा रैंक दिया गया। वहीं जेपीएससी के तत्कालीन सदस्य राधा गोविंद नागेश की बेटी मौसमी नागेश का चयन वित्त सेवा के लिए किया गया। जबकि वह मुख्य परीक्षा में फेल थी।
लेकिन मुख्य परीक्षा के कई विषयों में नंबर बढ़ा कर उन्हें सफल घोषित किया। मौसमी नागेश ने मुख्य परीक्षा में 774 नंबर प्राप्त किए थे। जबकि अनुसूचित जनजाति के लिए वित्त सेवा का कटऑफ मार्क्स 784 था। कटऑफ मार्क्स के आलोक में मौसमी नागेश को इंटरव्यू में शामिल नहीं किया जाना चाहिए था। लेकिन मुख्य परीक्षा में नंबर बढ़ा कर उन्हें इंटरव्यू में बुलाया गया और वित्त सेवा के मेरिट लिस्ट में उन्हें 71 वां रैंक दिया गया।
वहीं आयोग के तत्कालीन सदस्य गोपाल प्रसाद सिंह के पुत्र रजनीश कुमार को राज्य प्रशासनिक सेवा का अफ़सर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गयी। रजीनश कुमार को मुख्य परीक्षा में 853 नंबर मिले थे। अनारक्षित वर्ग से राज्य प्रशासनिक सेवा में चुने जाने के लिए कट ऑफ मार्क्स 872.67 था।
उन्हें अफसर बनाने के लिए नंबर बढ़ा कर मुख्य परीक्षा में पास कराया गया। इंटरव्यू में 99.33 नंबर देकर राज्य प्रशासनिक सेवा के मेरिट लिस्ट में 10 वां रैंक दिया गया । राधा प्रेम किशोर का चयन पुलिस सेवा के लिए किया गया।