लाइव पलामू न्यूज/मेदिनीनगर : वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट की टीम महाबीर नवयुवक दल (जेनरल) के अध्यक्ष युगल किशोर से मिली और उन्हें शहर में सौहार्दपूर्ण वातावरण में रामनवमी पूजा संपन्न कराने पर बुके और श्रीराम जी का पट्टा पहनाकर बधाई एवं धन्यवाद दिया। साथ ही टीम वरदान ने जनहित का ख्याल रखते हुए आगे से ऐसे आयोजनों में डीजे का साउंड सीमित रखने की भी गुहार लगाई।

संस्था की सचिव शर्मिला वर्मा ने कहा कि कहीं सड़क किनारे अस्पतालों में मरीज भर्ती हैं, बहुत से घरों में छोटे बच्चे ,बुजुर्ग और बेजुबान जानवर हैं ,जिन्हें इतनी तेज आवाज से भारी तकलीफ का सामना करना पड़ता है।
मयूरेश द्विवेदी ने कहा कि किसी भी त्योहार में आवाज की एक सीमा तय होनी चाहिए और त्योहार पारंपरिक ढ़ंग से मनाए जाएं तो और बेहतर हो, साथ ही एक शाम राम के नाम जैसे कार्यक्रम करके युवा वर्गको अपने सनातन धर्म की जानकारी अच्छे से दें।
वहीं स्नेहा ओझा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मेरी बहुत छोटी बच्ची है ,वो इतनी तेज डीजे साउंड से दो दिनों तक रात भर रोती रही ।हमलोग कितने परेशान हुए बता नहीं सकते ।अगर यही हाल रहा तो इन त्योहारों में शहर छोडकर जाना पड़ेगा।
खुश्बू वर्मा और संध्या अग्रवाल ने कहा कि बड़े शौक से सपरिवार हमलोग रामनवमी की झांकी देखने निकले लेकिन डीजे की झनझनाहट से जल्दी घर लौट आए। डीजे की आवाज और कंपन का लगातार दिनोंदिन तेज होना हर आम और खास व्यक्ति के लिए परेशानी का कारण बन गया है चाहे वो रामनवमी में बजे या मुहर्रम में।
सरहुल जैसे त्योहार अभी भी पारंपरिक तरीके से मनाए जाते हैं जो कि बहुत सुखद है। कोई भी धर्म किसी को तकलीफ पहुंचाने का संदेश नहीं देता इसलिए अपने धर्म के सार को समझें और त्योहार शांतिमय तरीके से मनाएं। महाबीर नवयुवक दल के अध्यक्ष युगल किशोर जी ने वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट की टीम को आश्वस्त किया कि चाहे मैं अध्यक्ष रहूं न रहूं पर जो भी अध्यक्ष रहेंगें उनसे मैं गुजारिश करूंगा कि आवाज एक तय सीमा में ही रहे और कंपन नहीं बल्कि भक्ति गीत से हम इस त्योहार को मनाएं।
टीम वरदान ने अध्यक्ष का इसके लिए आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि आगे से ऐसी भयावह आवाज से शहरवासियों ,खासकर बच्चों ,रोगियों और बुजुर्गों को परेशानी नहीं होगी। इस मौके पर गीता देवी एवं चंद्र प्रकाश ओझा भी उपस्थित थें।