लाइव पलामू न्यूज:  झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता का कार्यकाल 30 अप्रैल को समाप्त हो जायेगा। केंद्र सरकार ने अनुराग गुप्ता को डीजीपी पद पर बने रहने पर रोक लगा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को एक पत्र लिखा है जिसमें अनुराग गुप्ता को 30 अप्रैल के बाद डीजीपी पद पर बनाए रखने के फैसले को गलत बताया है।

बताते चलें कि केंद्र ने 30 अप्रैल के बाद 1990 बेच के तेज तर्रार आईपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता को सेवानिवृति देने का फरमान जारी कर दिया है। उन्हें डीजीपी के पद पर नियुक्ति की तिथि से दो साल तक काम करने का मौका नहीं मिलेगा। दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय को डीजीपी की नियुक्ति के सिलसिले में शिकायतें मिली थीं।

इसमें अनुरोग गुप्ता को डीजीपी के पद पर नियुक्त करने को गलत करार दिया गया था। इसके लिए पूर्व डीजीपी अजय कुमार सिंह को पद से हटाने के मामले में अपनायी गयी प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के खिलाफ बताया गया था। केंद्र सरकार ने इन शिकायतों की जांच के बाद पाया कि डीजीपी की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार द्वारा बनाया गया नियम ऑल इंडिया सर्विस रूल के अनुरूप नहीं है।

इसलिए वह अपने रिटायरमेंट की पूर्व निर्धारित तिथि पर ही रिटायर हो जायेंगे। उल्लेखनीय है उन्हें कि 2022 में डीजीपी रैंक में प्रोन्नति मिली थी। तत्पश्चात 26 जुलाई 2024 में पहली बार वे डीजीपी बने।

हालांकि साल 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने आदेश जारी कर उन्हें डीजीपी पद से हटा दिया था। लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद उन्हें फिर से 28 नवंबर 2024 को दोबारा झारखंड डीजीपी का पदभार सौंप दिया गया।

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