मेदिनीनगर : शुक्रवार को वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान नगर निगम कार्यालय में चलाया गया ।नगर आयुक्त के आदेशानुसार वहां के कर्मियों के बीच साइबर क्राइम से बचाव की जानकारी दी गई। फिशिंग, हैकिंग, डेटा चोरी,फेक अकाउंट बनाकर पैसे उगाही, ओटीपी के जरिए पैसे उगाहना, जैसे विषयों पर टीम वरदान के लोगों ने विस्तार से समझाया।

अपने मोबाइल का पासवर्ड , एटीएम कार्ड, पेटीएम, फोन पे , गूगल पे का पासवर्ड किसी से भी शेयर न करने की सलाह दी गई। अनजाने नंबरों से आए फोन कॉल्स, वीडियो कॉल्स वगैरह रिसीव करने , जल्दी ही पैसे दुगुने करने जैसे प्रलोभनों से बचने का सुझाव संस्था के सदस्यों ने साझा की और कहा कि आपकी मेहनत की गाढ़ी कमाई आपकी जरा सी लापरवाही से तुरंत किसी और के हाथ लग सकती है।

इस अवसर पर ट्रस्ट की सचिव शर्मिला वर्मा ने कहा कि साइबर फ्रॉड में झारखंड के जामताड़ा के लोग बड़े संख्या में शामिल है वह विभिन्न तरीकों का प्रयोग करके सही तथा लोगों की जानकारी चुरा कर संपर्क करते हैं और उनसे पासवर्ड आदि लेकर साइबर फ्रॉड के जरिए विभिन्न अपराध करते हैं। साइबर क्राइम से बचने के लिए उन्होंने सुझाव देते हुए मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करने, नवीनतम एंटीवायरस का प्रयोग करने सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग न करने तथा ओटीपी या लिंक की पहचान कर सहित कई अन्य सुझाव दिए।

ट्रस्ट के सदस्य मयूरेश द्विवेदी ने साइबर अपराध के बारे में जानकारी देते हुए भारत में एक आंकड़े के अनुसार हर सप्ताह 3000 से भी अधिक साइबर अपराध के मामले दर्ज किए जाते हैं। विश्व में साइबर अपराध के मामले में भारत दूसरे नंबर पर है इससे बचने के लिए जनमानस में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

शहर थाना के सब इंस्पेक्टर सुबोध कुमार ने बताया कि साइबर फ्रॉड के अंतर्गत पैसे काटने या फिर पैसे वसूलने के मामले ज्यादातर आते हैं ऐसे मामले में साइबर थाना के माध्यम से जांच करके कार्रवाई की जाती है इस दौरान अधिकतम 3 वर्ष की सजा का प्रावधान है।अगर कभी हम साइबर अपराध का शिकार हो जाए तो हमें 1930 नंबर पर कॉल कर इसके शिकायत दर्ज करनी चाहिए।

संस्था के सदस्य यूट्यूबर अभिषेक तिवारी ने बताया कि वर्तमान में समय के हिसाब से साइबर अपराधियों ने भी अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। इनमें कई बार व्हाट्सएप आदि पर वीडियो कॉल कर ब्लैकमेल किया जाता है। बदनामी के भय से लोग बड़ी मात्रा में पैसे चुके देते हैं हालांकि ऐसा कोई भी घटना होने पर इसकी जानकारी पुलिस को देनी चाहिए । अगर आपसे किसी ने खाते में रुपए दिए हैं तो संबंधित खाते को 24 घंटे के अंदर फ्रिज किया जा सकता है।

लक्ष्य श्रेष्ठ ने एआई तकनीक से हो रहे साइबर फ्रॉड के बारे में चर्चा की।उन्होंने बताया कि एआई द्वारा लोगों को साइबर फ्रॉड का शिकार बनाते हैं।उसके माध्यम से आवाज बदल कर उनकी पहचान बदल कर फ्रॉड होता है।उस दौरान करीबी लोगों का भी आवाज बदल कर फ्रॉड किया जाता है।इसमें इंसान हड़बड़ में आकर पैसे ट्रांसफर के देता है। कई बार कॉल के माध्यम से किसी भी बटन को दबाने से आपका पैसा अकाउंट चेक कर सकता है इसलिए जागरूकता बढ़कर ऐसे फ्रॉड से बचना हम सब की जिम्मेवारी है।

पंकज लोचन ने कहा कि वर्तमान में सभी लोग तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं। पर्याप्त जानकारी के अभाव में कई बार लोग और खासकर महिलाएं इसका शिकार बन रही हैं।हम सभी को उसके लिए प्रयास करना चाहिए। साथ मिलकर हम सभी साइबर फ्रॉड पर कार्य करने से इन्हें कम करने में मदद मिलेगी। नगर निगम द्वारा 35 वार्ड में जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।

वहां उपस्थित नगर निगमकर्मियों ने कई सवाल पूछे जिसका जवाब लक्ष्य श्रेष्ठ ने दिया।शहर थाना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार ने साइबर क्राइम पर सजा के प्रावधान की बात बताई। सहायक नगर आयुक्त विश्वजीत महतो , कल्याण कुमार, शमिता भगत, धीरज कुमार के अलावा दर्जनों निगम कर्मी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।अंत में राखी सोनी ने राष्ट्रगान गाकर इस कार्यक्रम का समापन किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *