लातेहार : जिले से बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। जहां होटवाग में एक रसोइये द्वारा छात्र की पिटाई का मामला सामने आया है। घटना लातेहार जिले के अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय की है। छात्र की पिटाई से नाराज अभिभावकों ने स्कूल परिसर में जमकर बवाल काटा।

गोबर फेंकने से मना करने पर हुई मारपीट
परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूल के रसोइया ने छात्र को गोबर फेंकने को कहा था लेकिन छात्र ने गोबर फेंकने से मना कर दिया। जिसके बाद रसोईया ने स्कूल के दूसरे बच्चों से छात्र को पिटवाया। उसके बाद उसने भी छात्र को पैरों से मारा। मारपीट में घायल छात्र को गंभीर चोट आने के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मेदिनीनगर में चल रहा बच्चे का इलाज
हालांकि रसोईया ने मारपीट के आरोप से इंकार किया है। बताया जा रहा है कि मारपीट में उसे पेट में चोट आई है। जिसके बाद उसका इलाज मेदिनीनगर के एक अस्पताल में चल रहा है। बच्चों के अभिभावकों ने हंगामा किया और दोषी रसोइया पर कार्रवाई की मांग की।
दादी का आरोप पहले बच्चों से पिटवाया, फिर खुद पीटा
इधर, घायल छात्र की दादी ललिता देवी ने बताया कि उनके घर के दो बच्चे इस स्कूल में पढ़ते हैं। स्कूल की रसोइया ने उनके पोते को गोबर फेंकने के लिए कहा, जब उसने मना किया तो स्कूल के कुछ बच्चों से मेरे पोते की पिटाई करवाई। इसके बाद रसोईया ने खुद भी अपने पैर से मेरे पोते को मारा।
दादी ने आगे बताया कि मारपीट के कारण उसके पोते को खून की उल्टी होने लगी। बच्चे की खराब हालत देखकर उसे इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने बताया कि उसके पेट में गंभीर चोट आई है। जिसके बाद उसे मेदिनीनगर इलाज के लिए ले जाया गया।
पहले भी रसोइया करती रही है मारपीट : अभिभावक
इधर, घटना की सूचना पर विद्यालय पहुंचे अभिभावकों ने आरोप लगाया कि रसोइया ने इससे पहले भी कई बच्चों के साथ मारपीट की है। एक बच्चे की मां ने बताया कि रसोइया के द्वारा विद्यालय के प्रांगण में ही गाय, बकरी, मुर्गी आदि का पालन किया गया है। बच्चों से रसोइया सभी प्रकार के काम करवाते हैं। स्कूल में कोई सुविधा नहीं मिलती है। आवश्यक वस्तुएं अभिभावक ही, बच्चों तक पहुंचाते हैं। इसके बावजूद बच्चों के साथ मारपीट की जाती है।
रसोइया ने मारपीट के आरोप को बताया निराधार
इस संबंध में रसोइया कुना देवी का कहना है कि उन्होंने किसी बच्चे के साथ मारपीट नहीं की है। बच्चों ने आपस में ही झगड़ा किया है। उन पर लगाया गया आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है।
‘यदि बच्चों के साथ कोई मारपीट होती थी तो इसकी सूचना उन्हें देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि आज मामला उनके संज्ञान में आया है। इसकी जांच की जाएगी, उसके बाद मामले में उचित कार्रवाई होगी। सुकन सिंह, प्रधानाध्यापक