गढ़वा: मंगलवार को PC & PNDT अधिनियम (पूर्वगर्भ एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम) तथा क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट (CEA) के प्रभावी कार्यान्वयन एवं सतत निगरानी को लेकर उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश कुमार यादव की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों सहित तीनों अनुमंडल पदाधिकारी, सिविल सर्जन एवं अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम (PC & PNDT Act) के अंतर्गत जिले में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का समय-समय पर सघन निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। इसको लेकर उन्होंने तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों को अधिकृत करते हुए निर्देश दिया कि अपने-अपने अनुमंडल क्षेत्र में पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि वे केंद्र अधिनियम के सभी प्रावधानों का अनुपालन कर रहे हैं या नहीं।

अनियमितता पर पंजीकरण होगा निरस्त

किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए केंद्र का पंजीकरण निरस्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। उन्होंने सिविल सर्जन को तीनों एसडीओ से समन्वय बनाकर इस कार्य में पूर्ण सहयोग करने की बातें कही। इसके अतिरिक्त उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में चिकित्सकों की उपलब्धता को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।

इसके लिए एक रोस्टर चार्ट बनाकर सभी जगह लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा, और दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही साथ उन्होंने जिले में संचालित सभी एंबुलेंस की तत्परता सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया।

बिना पंजीकरण के निजी स्वास्थ्य संस्थानों का संचालन प्रतिबंधित

बैठक में क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम्स एवं पैथोलॉजी केंद्रों के पंजीकरण, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP), उपकरणों की उपलब्धता, प्रशिक्षित मानव संसाधन तथा नियत शुल्क संरचना को लेकर भी गहन चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि CEA अधिनियम के तहत सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य है और बिना पंजीकरण के संचालन को पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाएगा।

आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं पारदर्शी, सुलभ एवं मानक के अनुरूप प्राप्त हों

नए अल्ट्रासाउंड सोनोग्राफी (USG) केंद्र व चिकित्सालय खोलने हेतु प्राप्त नए आवेदनों का निष्पादन दिनांक 25 जुलाई 2025 तक निश्चित रूप से किए जाने हेतु निर्देश दिया।उन्होंने जिला स्तरीय निगरानी समिति को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से निरीक्षण कर अधिनियम के पालन की समीक्षा करें और नियमित अवधि में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं पारदर्शी, सुलभ एवं मानक के अनुरूप प्राप्त हों।

उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि “स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता से जुड़ी जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें ताकि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं जनोपयोगी बन सके।”

ये रहें उपस्थित : 

मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी नगर उंटारी प्रभाकर मिर्धा, अनुमंडल पदाधिकारी रंका रुद्र प्रताप, सिविल सर्जन जॉन एफ कैनेडी, डीपीएम हेल्थ नीरज भगत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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