मेदिनीनगर : पलामू कोर्ट ने मंगलवार को दोहरे हत्याकांड के चार अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 20-20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। वहीं अर्थदंड नहीं देने पर छह महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा होगी।

कोर्ट ने हत्याकांड के अभियुक्त ललन यादव, गोविंद यादव, नारद यादव व अमृत यादव को सजा सुनाई है। वहीं मृतक के भाई को 7 वर्ष की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई है और पांच-पांच हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। दोनों सजा साथ-साथ चलेगी।
एसपी ने की सजा की पुष्टि :
अभियुक्तों पर धारा 307 के तहत पलामू के विश्रामपुर थाना क्षेत्र के बड़की कोरिया में 9 जुलाई 2018 को ददई यादव एवं रघुराई यादव की गर्दन काटकर हत्या करने का आरोप था। हत्या का आरोप दोनों के भाई एवं रिश्तेदारों पर लगा था।मृतक के भाई फूलचंद यादव के फर्द बयान पर एफआईआर दर्ज की गई थी। सजा की पुष्टि पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने की है।
20 हजार रूपये के विवाद में हत्या :
बता दें कि यह हत्याकांड मात्र 20 हजार रुपए के विवाद में भाइयों के बीच हुआ था। घटना में दो भाई मारे गए थें। जबकि एक भाई अभियुक्त बना था और एक भाई मुकदमे का शिकायतकर्ता बना था। मुकदमे के अनुसंधानकर्ता सह बिश्रामपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी और वर्तमान में हजारीबाग में तैनात इंस्पेक्टर चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि बंधु यादव नामक व्यक्ति ने अपनी बेटी की शादी की थी। बंधु यादव के पांच बेटे थे और सभी बेटों के बीच शादी के खर्च का बंटवारा हुआ था।
अभियुक्त गोविंद यादव को 20 हजार रुपए देना था। लेकिन गोविंद यादव ने 20 हजार रुपए नहीं दिया था। इसके बाद पिता बंधु यादव ने गोविंद यादव को जुताई के लिए जमीन कम कर दी। इसी दौरान जमीन की जुताई के विवाद में गोविंद यादव ने अपने साले ललन यादव, नारद यादव और ससुर अमित यादव के साथ मिलकर अपने दो भाई ददई यादव और रघुराई यादव की गर्दन काट कर हत्या कर दी।