डालटनगंज, पलामू: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2023 का फाइनल परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस परीक्षा में डालटनगंज की बेटी प्राची अपूर्वा ने 31वीं रैंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। प्राची की इस सफलता पर उनके परिवार समेत पूरा शिक्षा जगत गौरव महसूस कर रहा है।

प्राची अपूर्वा, जो कि वर्तमान में बिहार के जयनगर में 66वीं बीपीएससी के तहत उप निर्वाचन पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं, अब झारखंड प्रशासनिक सेवा में चयनित हो गई हैं। इससे पहले उन्होंने एल एंड टी, पुणे में 12 लाख वार्षिक पैकेज की नौकरी को ठुकराकर सिविल सेवा की तैयारी शुरू की थी।
शहर के आबादगंज निवासी विज्ञान शिक्षक अमरेंद्र नारायण और सदर अस्पताल, मेदिनीनगर में कार्यरत मेडिकल असिस्टेंट तनुजा सिन्हा की पुत्री प्राची की शुरुआती पढ़ाई सेक्रेड हार्ट स्कूल से हुई, 12वीं जेवीएम श्यामली, रांची से पूरी की और फिर बीआईटी सिंदरी से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की।
प्राची ने बिना किसी कोचिंग के, सिर्फ इंटरनेट और यूट्यूब के माध्यम से घर में रहकर सेल्फ स्टडी की। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने कभी उन पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला, बल्कि पूरी स्वतंत्रता दी। उसी भरोसे ने उन्हें यह मुकाम दिलाया।
यह प्राची की दूसरी बड़ी सफलता है, और अब उनका अगला लक्ष्य UPSC है। उन्होंने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली है और अगस्त में मुख्य परीक्षा देने वाली हैं। उनका सपना है देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा में जगह बनाना।
प्राची की इस सफलता पर शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुधीर कुमार दुबे, महासचिव अमरेश सिंह, शिक्षक अर्पण कुमार गुप्ता, भरदूल सिंह, वीरेंद्र कुमार साहू, निखिल कुमार सिंह, पूनम कुमारी, विजेंद्र कुमार समेत पूरे शिक्षक समुदाय ने उन्हें और उनके परिवार को शुभकामनाएं दी हैं।
प्राची की कहानी आज की युवाओं के लिए एक प्रेरणा है—कि ठान लो तो किसी भी ऊंचाई तक पहुंचा जा सकता है।