सतबरवा (पलामू) : प्रखंड अंतर्गत रबदा पंचायत के सलैया गांव के परहिया टोला में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में समुंद्री कुंवर (उम्र लगभग 50 वर्ष) की मौत हो गई। बकरी चराने जंगल की ओर गई महिला को सुबह करीब 7 बजे एक जंगली हथिनी ने कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार हथिनी के साथ उसका बच्चा भी था।

सुबह खेत उजाड़ने पहुँचा था हाथी, ग्रामीणों ने खदेड़ा था जंगल

ग्रामीणों ने बताया कि सुबह लगभग 5 बजे एक हथिनी अपने बच्चे के साथ गांव की बस्ती में घुस आई थी और मकई की फसलों को बर्बाद कर रही थी। ग्रामीणों ने शोर मचाकर और समूह बनाकर उसे जंगल की ओर खदेड़ दिया था। आशंका जताई जा रही है कि इसी छेड़छाड़ से उग्र हुई हथिनी ने कुछ ही देर बाद जंगल में महिला पर हमला कर दिया।ग्रामीणों ने बताया कि हमले के बाद हथिनी बच्चे के साथ औरंगा नदी पार कर पीटीआर क्षेत्र में प्रवेश कर गई।

परिवार पर टूटा दुःखों का पहाड़

मृतका समुंद्री कुंवर पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रही थी। दो साल पहले उसके पति रामदेव परहिया की मौत वज्रपात से हो चुकी थी। अब इस घटना से परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है। मृतका के पांच बच्चे हैं – सबसे बड़ा बेटा पूरण परहिया (22 वर्ष), अन्य संतानों की उम्र क्रमशः 19, 15, 10 और 8 वर्ष है।

मौके पर प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही सतबरवा थाना से एएसआई संतोष कुमार साहू और एएसआई सुधीर कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई कर पोस्टमार्टम हेतु एमएमसीएच, मेदिनीनगर भेजा गया।

वहीं मौके पर पहुंचे वनपाल हरेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी तथा प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 लाख रुपये मुआवजा वन विभाग द्वारा प्रदान किया जाएगा।

स्थानीय लोगों में दहशत, वन विभाग से सुरक्षा की मांग

घटना स्थल मोरवाई जंगल के लेदवा-सेमर क्षेत्र में है, जो जंगली हाथियों की आवाजाही का संवेदनशील इलाका माना जाता है। घटना के बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से बस्ती की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हाथियों की निगरानी की मांग की है।

रिपोर्ट: प्रेम पाठक

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