गढ़वा : शनिवार को गढ़वा जिला अन्तर्गत रंका प्रखण्ड में संचालित विभिन्न पत्थर खदानों एवं क्रशर प्लांटों का उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश कुमार यादव द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का उद्देश्य खनन गतिविधियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, पर्यावरणीय एवं सुरक्षा मानकों के अनुपालन की स्थिति का मूल्यांकन करना, साथ ही दस्तावेजीय सुसंगतता की जाँच करना रहा।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त सर्वप्रथम इशान स्टोन क्रशर प्लांट पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली के संबंध में संचालक से विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित सभी दस्तावेजों की सूक्ष्मता से जाँच की। उन्होंने क्रशर प्रबंधन को पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने एवं सुरक्षित खनन सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसके पश्चात उपायुक्त ने एम०जी०सी०पी०एल० (MGCPL) द्वारा संचालित पत्थर खदान का स्थल निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने खनन प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। इसी क्रम में उन्होंने सोखा बाबा स्टोन माइन्स का भी भ्रमण किया और संपूर्ण खनन क्षेत्र की स्थिति का अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि “खनन कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता, पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों का कठोरता से पालन और सुरक्षा मानकों की अनिवार्य रूप से पालना अत्यंत आवश्यक है। नियमों की अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।”

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने बेलचंपा क्षेत्र का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने बालू घाटों की स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने पाया कि वर्तमान में जिले में बालू उठाव पर रोक लगी हुई है, ऐसे में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि नहीं होनी चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने जिला खनन पदाधिकारी को निर्देशित किया कि बालू उठाव वाले संभावित स्थलों के समीप जाने वाले मार्गों को अविलंब अवरुद्ध किया जाए, ताकि बालू के अवैध दोहन की कोई संभावना न रहे।

निरीक्षण के दौरान जिला खनन पदाधिकारी राजेन्द्र उराँव, खान निरीक्षक भाव प्रकाश महतो एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खनन से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखें और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

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