मेदिनीनगर : स्वतंत्रता संग्राम में पलामू के क्रांतिकारियों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है । लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि राष्ट्रीय स्तर के क्रांतिकारियों को हमेशा याद रखा जाता है, लेकिन अपने बीच के क्रांतिकारियों को भूल जाते हैं । बहुत से पलामूवासियों को तो पलामू के क्रांतिकारियों के बारे में जानकारी ही नहीं। दिल्ली के पत्रकार प्रभात मिश्रा सुमन ने “पलामू के क्रांतिकारी ” नाम से एक पुस्तक लिखी जिसमें बहुत सारे क्रांतिकारियों की दास्तान लिखी गई।

इसे पढ़कर क्रांतिकारियों के परिजन और अन्य लोग भी काफी गौरवान्वित हैं। लेकिन इसी धरा पर, जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के सदर ब्लॉक परिसर , एवं नगर आयुक्त आवास के बगल में स्थित शिलापट्ट पर अनेक क्रातिकारियों के नामों में त्रुटि है। इसके सुधार के लिए सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वतंत्रता सेनानी गणेश प्रसाद वर्मा ,नंदकिशोर प्रसाद वर्मा की पौत्रवधू शर्मिला वर्मा के नेतृत्व में कई बार लिखित आवेदन संबंधित अधिकारियों को दिया गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लगाई गुहार :
सकारात्मक परिणाम न मिलने के कारण मंगलवार को संविधान सभा के सदस्य, स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय यदुवंश सहाय जी के आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों ने जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई कि यथाशीघ्र इस त्रुटि में सुधार किया जाए ।साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों को उचित सम्मान देते हुए विभिन्न चौक चौराहों का नाम उनके नाम पर रखा जाए।
ये रहे उपस्थित :
इस मौके पर स्वर्गीय यदुवंश सहाय जी के पोते सुधीर सहाय, स्वर्गीय वेद प्रकाश भसीन के पुत्र प्रेम प्रकाश भसीन, नंदकिशोर प्रसाद वर्मा के पौत्र विवेक वर्मा और पौत्रवधू शर्मिला वर्मा एवं “पलामू के क्रांतिकारी पुस्तक ” के लेखक प्रभात मिश्र सुमन उपस्थित रहे