समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की भी हुई समीक्षा,एमटीसी से डिस्चार्ज हुए बच्चों का मोनिटरिंग करने के निर्देश

विभिन्न पैरामीटर्स में खराब प्रदर्शन करने पर पांकी,हुसैनाबाद एवं चैनपुर महिला पर्यवेक्षिका का वेतन स्थगित

मेदिनीनगर : राष्ट्रीय पोषण माह का जिले में सफल आयोजन कराने को लेकर डीसी समीरा एस की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक आयोजित की गयी।इस दौरान डीसी ने कहा कि पोषण माह 2025 के तहत क्या-क्या कार्यक्रम और गतिविधियों का संचालन किया जाना है से संबंधित विभाग द्वारा कैलेंडर प्राप्त है। डीसी ने सभी को कैलेंडर के अनुरूप सभी तरह के कार्यक्रमों का आयोजन 12 सितंबर से 11 अक्टूबर तक करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि आयोजन होने वाले सभी कार्यकर्मों का डैशबोर्ड पर एंट्री भी की जानी है और एंट्री के आधार पर ही राज्य स्तर पर जिले का मूल्यांकन की जायेगायी।उन्होंने सभी संबंधितों को इस कार्य में टीम वर्क का परिचय देते हुए कार्य का निष्पादन करने की बात कही। इसके अलावे उपायुक्त ने संकल्प हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन के विशेष अभियान के तहत संचालित किये गये गतिविधियों की भी जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि इस विशेष अभियान में अभी तीन दिन शेष है,सभी एलएस विभिन्न स्तरों पर अधिक से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन कराते हुए डैशबोर्ड पर एंट्री कराना सुनिश्चित करें।

समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की भी हुई समीक्षा

बैठक में उपायुक्त ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गयी। इस दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे कुपोषित बच्चे जो एमटीसी सेंटर से डिस्चार्ज होते हैं,उन बच्चों का कुछ माह तक अनिवार्य रूप से निगरानी करें।समीक्षा के दौरान विभिन्न पैरामीटर्स में खराब प्रदर्शन करने पर पांकी, हुसैनाबाद एवं चैनपुर महिला पर्यवेक्षिका का सितंबर माह का वेतन स्थगित कर दिया गया।

वहीं कुछ महिला पर्यवेक्षकों को शोकॉज़ किया गया।इसी तरह बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जो भी आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका का कार्य असंतोषजनक है,उन्हें तीन बार स्पष्टीकरण करने के कार्रवाई की जाएगी तत्पश्चात उन्हें टर्मिनेट किया जायेगा। इसी तरह उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के सीएसएस लाभुकों के सत्यापन के कार्यों में तेज़ी लाने पर बल दिया। आंगनबाड़ी केंद्र नियमित रूप से खुले और शत-प्रतिशत नामांकित बच्चे यहां आयें इसकी मॉनिटरिंग भी किये जाने का निदेश दिया गया।

इसी तरह उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव के लिए उनकी सतत निगरानी प्रसव के दो-तीन सप्ताह पूर्व से ही करने की बात कही साथ ही गर्भवती महिलाओं को आयरन की कमी को कम करने के लिए आयरन और फोलिक एसीड की गोली का सेवन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।

इसी तरह टीएचआर एवं पोषाहार समीक्षा की गयी।इसी तरह समर ऐप में सैम बच्चों का नामांकन,सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों के विभिन्न पैरामीटर्स,आंगनबाड़ी केंद्रों में आधरभूत संरचना से संबंधित प्रतिवेदन,एफआरएस डेली रिपोर्ट,होम विज़िट,अपार आईडी स्टेटस सहित अन्य बिंदुओं पर समीक्षा कर कई दिशा-निर्देश दिये गये।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त जावेद हुसैन,सिविल सर्जन डॉ अनिल,जिला पंचायती राज पदाधिकारी विनय श्रीवास्तव,जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ असीम, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान,जिला शिक्षा अधीक्षक,जेएसएलपीएस डीपीएम,सीडीपीओ,महिला पर्यवेक्षिका समेत अन्य उपस्थित रहे।

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