लातेहार : लीड्स संस्था ने लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड से महिला मेटों को मनरेगा योजनाओं में मेट के रूप मे जोड़ने का कार्य कर रहें हैं जिसको लेकर आज समाहरणालय सभागार में चिन्हित महिला मेटो के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।

उप विकास आयुक्त ने सभी मेटो को सक्रिय रुप से मनरेगा में कार्य करने का निर्देश दिया तथा एनएमएमएस एप्प के माध्यम से योजनाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए जानकारी दी एवं महिला मेटो को अपने कार्य के द्वारा अपने गांव, पंचायत को सशक्त बनाने को कहा गया और मनरेगा कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने की बात कही गई।
जिससे काम में ईमानदारी के साथ जिम्मेदारी भी बना रहे। आगे उन्होंने महिला मेटों को कार्यशाला में दी जा रही जानकारी को अपने साथ अमल करने और एक जानकार व्यक्ति के रूप में लोगों को जागरूक करने की बात कही।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अल्का हेंब्रम ने महिला सशक्तिकरण, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, वन स्टॉप सेंटर, महिलाओं के लिए सरकारी योजनाओं के साथ टॉल फ्री नम्बर देते हुए इस पर विस्तृत जानकारी दिया गया। साथ ही आगे उन्होंने कहा कि आज के समय मे महिलाएं किसी से कम नहीं है।
आज की महिला सभी कार्य करके आत्मनिर्भर बन रही है। उन्होंने कहा सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिये हर संभव प्रयास कर रही है। “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, और नौकरी कराओ”।
जिला शिक्षा अधीक्षक गौतम कुमार साहू ने कहा कि आज के समय में लड़की, बच्ची एवं महिलाओं को शिक्षा बहुत ही जरूरी है। जिसके लिए सरकार ने नव भारत साक्षरता अभियान 21 सितंबर 2025 को झारखण्ड के हर मध्य विद्यालय कैंप लगा कर सभी को साक्षर करने के लिए पहल की है।
लीड्स से महेन्द्र कुमार, वरिष्ठ परियोजना समन्यवक ने लीड्स के कार्य, उद्देश्य एवं कुछ अच्छे मॉडल जो ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित किया गया है जैसे बृहत रूप में आम बागवानी, मॉडल स्कूल, मॉडल आंगनवाड़ी, मॉडल किसान आदि के बारे विस्तार से बताया। रंजीत भेंगरा ने परियोजना के बारे विस्तार रूप से जानकारी दिए।
कार्यशाला में महिला मेट ने अपने कार्य का अनुभव, सिख, सफलता कि कहानी, कार्यस्थल में होने वाली दिक्कतें, चुनौतियां को सभी के समक्ष साझा किया। कार्यशाला में माहवारी एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए महिला मेटों को इसकी जानकारी दी गई।
संजीत कुमार, रीजनल कॉर्डिनेटर, यूनिसेफ ने पर्यावरण एवं स्वच्छता के साथ बच्चे, युवा वर्ग एवं बड़ों को स्कूली शिक्षा की जरूरत को समझाया। गांव में स्कूल से बाहर बच्चे ओर अनियमितता बच्चों को चिन्हित कर महिलाएं मेटों के सहयोग से पुनः स्कूल में नामांकन करने का बात कही गई।
कार्यशाला में डीआरडीए निदेशक श्री प्रभात रंजन चौधरी, जिला तकनीकी विशेषज्ञ, यूनिसेफ अभिषेक एवं लीड्स के सभी स्टाफ महेन्द्र कुमार, निशा त्रिपाठी, रंजीत भेंगरा, प्रतिभा कुमारी, प्रिया कुमारी, राजेन्द्र उरांव, संगीता, कुलदीप, राजेश्वरी सहित कुल 60 महिला मेट उपस्थित थे।