मेदिनीनगर : पूरे देश में दशहरा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। इसी दौरान मेदिनीनगर में भी प्रशासन की सतर्कता और चौकसी ने पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न करवाया। पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन के नेतृत्व में जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। दुर्गा पूजा के दौरान हर प्रखंड में पुलिस-प्रशासन ने फ्लैग मार्च निकाला।

वहीं सप्तमी के बाद लगने वाली भीड़ के मद्देनजर मौके पर दंडाधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस जवानों को प्रतिनियुक्त किया गया था। दुर्गा पूजा की समाप्ति के बाद विसर्जन के दौरान भी विभिन्न स्थलों पर पुलिस की तैनाती थी। इस दौरान मुख्यालय के कोयल नदी तट पर भी निगरानी रखी गई। पुलिस की निगरानी में विभिन्न घाटों पर प्रतिमा का विसर्जन किया गया।

गुरुवार व शुक्रवार दोनों दिन प्रतिमा का विसर्जन किया गया। जिला मुख्यालय में करीब 40, जबकि पूरे पलामू में 500 से अधिक स्थानों पर प्रतिमा स्थापित की गई थी। दरअसल, मोहर्रम के दौरान पाटन थाना क्षेत्र के पाल्हे कला गांव में जुलूस मार्ग को लेकर दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी। जिसमें दोनों ओर से करीब दर्जन भर लोग घायल हो गए थें। वहीं सात दिन बाद घायल गुलबास अंसारी नामक व्यक्ति की मौत हो गई थी।

घटना के बाद कई दिनों तक पूरे इलाके का माहौल तनावपूर्ण रहा। जिसके मद्देनजर इस बार पुलिस-प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती। प्रशासन ने दशहरा पर्व पर कोई जोखिम नहीं उठाया और जिलेभर में कड़ी निगरानी रखी। इस संबंध में पाटन थाना प्रभारी शशि कुमार पांडेय ने बताया कि एसपी के निर्देशानुसार जिले भर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। विसर्जन के दौरान भी अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई थी और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही थी।

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