सिमडेगा: दीपावली महापर्व के अवसर पर जिले की महिलाओं के स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पाद इस बार बाजार में खास पहचान बना रहे हैं। गांधी मैदान और समाहरणालय परिसर में समूह की दीदियों द्वारा लगाए गए स्टॉल न केवल ग्राहकों की पहली पसंद बने हैं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की मिसाल भी पेश कर रहे हैं।

स्टॉलों में उपलब्ध ‘पालाश गिफ्ट हैमपर’ लोगों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हैं। बेत की खूबसूरत टोकरियों में लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों के साथ रागी और तिल के लड्डू, शुद्ध मधु, चुनरी, दीया और करई तेल जैसे पारंपरिक उत्पाद उपहार पैक के रूप में बड़ी संख्या में बिक रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि ये उपहार न सिर्फ त्योहार की भावना से जुड़े हैं, बल्कि पूरी तरह स्वदेशी भी हैं।
इसी क्रम में कोलेबिरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा तैयार किए गए लड्डुओं की बिक्री भी जोरदार हो रही है। स्टॉलों पर सजावट और घरेलू उपयोग की वस्तुएँ जैसे सूप, झाड़ू, मिट्टी के खिलौने, हस्तशिल्प सामग्री आदि लोगों को खूब पसंद आ रही हैं।
उप विकास आयुक्त के निर्देशानुसार, चेंबर ऑफ कॉमर्स एवं जेएसएलपीएस के संयुक्त प्रयास से जिले के 10 बड़े प्रतिष्ठानों में भी पालाश ब्रांड के रागी लड्डू, तिल लड्डू, मधु और गिफ्ट हैमपर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे दीदियों के उत्पादों को व्यापक बाजार मिला है।
दीदियों द्वारा उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त को सप्रेम पालाश गिफ्ट हैम्पर किया गया भेंट
स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी ने न केवल महिला समूहों को आर्थिक मजबूती दी है, बल्कि जिले के स्वदेशी उत्पादों को नई पहचान भी दिलाई है। दीपावली के इस शुभ अवसर पर सजे इन स्टॉलों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति और परंपरागत संस्कृति को सम्मान देने का कार्य किया है।