LIVE PALAMU NEWS DESK : बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में  हुई कैबिनेट की बैठक में राजकीय मछली को लेकर आये एक अहम प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने अपनी रजामंदी दी। अब झारखंड की अपनी राजकीय मछली भी होगी। देशी मांगुर को कैबिनेट ने स्टेट फिश का दर्जा दिया है।

झारखंड की राजकीय मछली  Clarias magur जिसे मागुर मछली या Walking Catfish कहा जाता है, भारत, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार और थाईलैंड के मीठे जल में पाई जाने वाली कैटफिश प्रजाति है। इसका वैज्ञानिक नाम Clarias magur और यह Clariidae परिवार से संबंधित है।

इसके सिर के पास मूँछ जैसी संवेदनशील बार्बल्स होते हैं।इसके विशेष सहायक श्वसन अंग की वजह से यह ऑक्सीजन की कमी वाले पानी या जमीन पर भी कुछ समय जीवित रह सकती है, इसी कारण इसे “Walking Catfish” कहा जाता है क्योंकि यह अपने पंखों व शरीर को मोड़कर जमीन पर धीरे-धीरे चल सकती है।इसमें 16–18% प्रोटीन, आयरन, फॉस्फोरस और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं तथा वसा कम होने से यह शरीर के विकास, मस्तिष्क व हृदय के लिए लाभकारी मानी जाती है।

इसे ऊर्जावान भोजन कहा गया है जो कमजोरी, रक्ताल्पता व रिकवरी में सहायक है। IUCN ने इसे Endangered श्रेणी में रखा है क्योंकि अत्यधिक शिकार व आवास नष्ट होने से इसकी संख्या घट रही है, इसलिए भारत सरकार संरक्षण व कृत्रिम प्रजनन को बढ़ावा दे रही है। पारिस्थितिक व पोषणीय महत्ता को देखते हुए इसे झारखंड की राजकीय मछली घोषित किया गया है।

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