चतरा: जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ एवं जनोन्मुख बनाने के उद्देश्य से आज सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में उपायुक्त कीर्तिश्री की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में PM-ABHIM, 15वें वित्त आयोग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, संस्थागत प्रसव, रूटीन इम्यूनाइजेशन, आयुष्मान भारत कार्ड, एम्बुलेंस सेवा, कायाकल्प मूल्यांकन, तथा अस्पताल प्रबंधन सहित सभी प्रमुख घटकों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक की शुरुआत विभाग के कार्यक्रमों से संबंधित अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन की प्रस्तुति से हुई, जिसके बाद उपायुक्त ने अधिकारियों को यह स्पष्ट कर दिया कि स्वास्थ्य सेवा ऐसा क्षेत्र है जहां किसी भी प्रकार की ढिलाई सीधे जनता के जीवन से जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील कार्यशैली अपनानी होगी, क्योंकि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

संस्थागत प्रसव की प्रगति पर हुए विस्तृत विमर्श में उपायुक्त ने कहा कि आशा, एएनएम और सीएचओ स्तर पर निगरानी को और अधिक सुदृढ़ किया जाए ताकि गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, टीकाकरण और प्रसव पूर्व जांच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाले मामलों की पहचान कर उन्हें विलंब किए बिना सदर अस्पताल या उपयुक्त केंद्र में रैफर किया जाए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

रूटीन इम्यूनाइजेशन (RI) की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि टीकाकरण के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने छूटे हुए क्षेत्रों, शून्य खुराक वाले बच्चों और डोर-टू-डोर टीकाकरण अभियान की प्रगति पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए फील्ड टीमों को निर्देशित किया कि सभी स्तरों पर निगरानी को मजबूत किया जाए और टीकाकरण से कोई भी बच्चा वंचित न रहे।

बैठक में एम्बुलेंस सेवाओं की स्थिति पर भी गंभीर चर्चा हुई। 108 तथा 104 सेवाओं की उपलब्धता और प्रतिक्रिया समय पर असंतोष व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मरीजों के कॉल रिस्पॉन्स में किसी भी प्रकार की देरी अस्वीकार्य है।

उन्होंने खराब वाहनों की त्वरित मरम्मत, नियमित मॉनिटरिंग और सेवा संचालन की निरंतर समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में जिला में एक समर्पित कॉल सेंटर स्थापित करने की भी घोषणा की गई, जिसमें सभी एम्बुलेंस चालकों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज रहेंगे। 108 सेवा के नोडल पदाधिकारी को अगली बैठक में विस्तृत प्रतिवेदन के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया।

आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण एवं वितरण की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि पात्र लाभुकों का कार्ड समय पर बनना और अस्पताल में आयुष्मान काउंटर का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी मरीज को सुविधा प्राप्त करने में दिक्कत न हो।

सदर अस्पताल प्रबंधन की समीक्षा में कायाकल्प मूल्यांकन में आई कमियों पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्वच्छता, व्यवस्था, स्टाफ की उपस्थिति, मरीजों की सुविधा और व्यवहार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जहां भी सुधार की आवश्यकता है, वहाँ तुरंत आवश्यक कदम उठाए जाएं।

उत्कृष्ट और खराब प्रदर्शन करने वाली सहिया के नाम जिला स्तर पर भेंजे प्रतिवेदन

बैठक में उपायुक्त ने DMFT अंतर्गत नव-नियुक्त चिकित्सकों के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि कितने मरीजों का प्रतिदिन उपचार किया जा रहा है, इसका प्रतिवेदन अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहिया एवं सहिया साथियों के साथ माह में एक बार प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित करना सुनिश्चित करें। इसी क्रम में उन्होंने निर्देश दिया कि उत्कृष्ट और खराब प्रदर्शन करने वाली सहिया के नाम जिला स्तर पर प्रतिवेदन सहित भेजे जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एएनएम, आंगनबाड़ी सेविका, पोषण सखी एवं सहिया के साथ बैठक कर अपने-अपने क्षेत्रों की ड्यू लिस्ट तैयार करना सुनिश्चित करें।

बैठक में RBSK द्वारा चिन्हित बच्चों के उपचार की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हर माह कैंप लगाकर ऐसे बच्चों का इलाज सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, ई-संजीवनी सेवा में खराब प्रदर्शन पाए जाने पर डॉ. अजीत कुमार और डॉ. शलिनी शर्मा से स्पष्टीकरण मांगे जाने का निर्देश दिया गया। इसी क्रम में NQAS मूल्यांकन के लिए चिह्नित सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों को जल्द से जल्द तैयार कर बाह्य मूल्यांकन हेतु प्रस्तावित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हंटरगंज अंतर्गत एमटीसी केंद्र में 10-बेड वाले हॉल निर्माण के प्रस्ताव पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण :

बैठक के पश्चात उपायुक्त ने सदर अस्पताल परिसर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों, दवा भंडारण कक्ष, लैब, लेबर रूम, पंजीकरण कक्ष एवं ओपीडी का जायजा लिया। उन्होंने निर्माणाधीन ब्लड बैंक की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और सभी अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जनता को समय पर, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

ये रहे उपस्थित :

उक्त बैठक में सिविल सर्जन चतरा डॉक्टर जगदीश प्रसाद, अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया सन्नी राज,डब्लू एच ओ के प्रतिनिधि,सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

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