लाइव पलामू न्यूज/गढ़वा: पीटीआर और छत्तीसगढ़ से आए हाथियों के झुंड ने इन दिनों जिले के दक्षिणी वन क्षेत्र के रंका, रमकंडा, भंडरिया, बड़गड़ और चिनिया प्रखंड के लोग ग्रस्त है। पिछले 11 सालों से हर साल हाथियों का झुंड अनाज की तलाश में गांव में आता है। जो घरों को तोड़ने के साथ-साथ धान और मक्के की फसलों को भी बर्बाद कर देते हैं।
विगत चार-पांच महीनों में हुए हाथियों के हमले में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इसी क्रम में रविवार देर रात भंडरिया प्रखंड के बिजका गांव में 25-30 हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर गांव में घुस आया। जहां अनाज की खोज में हाथियों के झुंड ने गांव के तीन घरों को तोड़ दिया और दर्जनों किसानों की कई एकड़ में फैली धान की फसल को रौंद दिया।
इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज सुनकर लोग अपने घरों से बाहर भाग गए। बेखौफ हाथियों का झुंड घरों को तोड़ते हुए अनाज खाता रहा और फसलें रौंदते हुए जंगल की ओर लौट गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं है। इसी कारण कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। विभाग की कार्रवाई बस मुआवजे तक सीमित है।
