सतबरवा(पलामू): सतबरवा आजीविका महिला संकुल स्तरीय प्राथमिक स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की वार्षिक आमसभा सोमवार को शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि विधायक आलोक चौरसिया, जिला परिषद सदस्य सुधा कुमारी एवं मुखिया गणों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

सभा में वर्ष 2024-25 की उपलब्धियों की समीक्षा की गई, जिसमें वित्तीय समावेशन, आजीविका संवर्धन, किशोरी हेल्प डेस्क, जेंडर रिसोर्स सेंटर, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य एवं पोषण, बीमा कवरेज और फूलों झानो आशीर्वाद योजना जैसी पहलें शामिल थीं। वर्तमान में समिति 5 पंचायतों के 29 गांवों में सक्रिय है, जिनसे 430 समूह और 28 ग्राम संगठन जुड़े हैं।

आगामी वर्ष की कार्ययोजना में ऋण वितरण, नए सदस्यों की भागीदारी, शेयर बिक्री, प्रशिक्षण और कैडर चयन पर जोर देने का निर्णय लिया गया। इस दौरान जेंडर रिसोर्स पर्सन ने बाल विवाह एवं घरेलू हिंसा पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर जागरूकता फैलायी।

मुख्य अतिथि विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि “महिला समूहों की मेहनत से गाँवों में परिवर्तन दिख रहा है। जब महिलाएँ आत्मनिर्भर होंगी तभी समाज व क्षेत्र का वास्तविक विकास संभव है। सरकारें अक्सर योजनाएँ बनाती हैं, लेकिन जमीनी सफलता महिलाओं की भागीदारी और उनके परिश्रम पर निर्भर करती है।”

प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक लॉरेंस लकड़ा ने कहा कि जेएसएलपीएस के माध्यम से योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास जारी है। सभा में जेंडर फंड निर्माण और व्यक्तिगत अनिवार्य साप्ताहिक बचत राशि को ₹10 से बढ़ाकर क्षमता अनुसार ₹50 तक करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

कार्यक्रम में जेएसएलपीएस कर्मी, बैंक प्रतिनिधि, मुखिया रिंकी यादव, विधायक प्रतिनिधि राणा प्रताप कुशवाहा, अजय उरांव, भीष्म चौरसिया, ज्योति सिंह, विजय पाठक सहित अनेक लोग उपस्थित थें।

रिपोर्ट: प्रेम पाठक

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