LIVE PALAMU NEWS DESK : मेहनत करने से सफलता जरूर मिलती है। इसकी बानगी पेश की अश्विनी अभिनव (रिशु) ने, जिन्होंने जेपीएससी परीक्षा 2011–13 में 204वीं रैंक प्राप्त की है। स्थानीय आवादगंज निवासी अश्विनी, वर्तमान में सदर एसडीएम कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं। लेकिन अब वे प्रशासनिक सेवा में कदम रखने जा रहे हैं। अश्विनी ने बताया कि उनका सपना बचपन से ही प्रशासनिक अधिकारी बनने का था।

वे बताते हैं कि नौकरी के साथ-साथ तैयारी करना आसान नहीं होता। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। हर दिन ऑफिस से लौटकर रात में 5 से 6 घंटे, और कई बार रात 1 बजे तक लाइब्रेरी में पढ़ाई की। समस्या आई लोकसभा चुनाव के दौरान मेंस की तैयारी में,क्योंकि समय की बहुत कमी थी, लेकिन फिर भी उन्होंने देर रात तक जागकर तैयारी जारी रखी। जिसका नतीजा रहा कि उन्हें पहले प्रयास में ही सफलता मिल गई।
अश्विनी ने मुख्य रूप से अपनी तैयारी सेल्फ स्टडी से की है। उनका कहना है कि किसी कोचिंग पर निर्भर नहीं रहकर उन्होंने अपने नोट्स और दृष्टि IAS के मटेरियल से पढ़ाई की। केवल इंटरव्यू से पहले एक-दो मॉक टेस्ट दिए, लेकिन पूरी तैयारी नियंत्रित, केंद्रित और अनुशासित रही।
अश्विनी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सेंट माइकल स्कूल, डाल्टनगंज से की, जहां उन्होंने मैट्रिक में 81% और फिर एमकेडीएवी पब्लिक स्कूल से 12वीं में 80% अंक हासिल किए। उन्होंने जीएलए कॉलेज से गणित में ऑनर्स के साथ 82% अंक प्राप्त किए। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने 2023 में जेएसएससी की परीक्षा में भी सफलता पाई थी और झारखंड सचिवालय में चयन भी हुआ था।
हालांकि पदस्थापन न होने के कारण उन्हें निराशा भी हुई थी। अश्विनी अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता नीरजा सिन्हा, पिता मनमोद सिन्हा को देते हैं। उनका कहना है कि सपने देखने के साथ-साथ उसके लिए तपस्या जैसी मेहनत भी करनी पड़ती है। अश्विनी के भाई कंप्यूटर शिक्षक हैं और वे अपने परिवार के पहले पीसीएस अधिकारी बने हैं।