लाइव पलामू न्यूज : बुधवार को दिनदहाड़े राजधानी रांची के कांके थाना क्षेत्र में कांके चौक के पास पूर्व जिला परिषद सदस्य सह बीजेपी नेता अनिल टाइगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम देकर भाग रहे अपराधी का रांची पुलिस के साथ एनकाउंटर हुआ। जिसमें एक अपराधी घायल हो गया। जिसकी पहचान रोहित वर्मा के रूप में हुई है।

बताया जा रहा है कि अनिल टाइगर को गोली मारने के बाद रोहित अपने एक अन्य साथी के साथ भाग रहा था। इसी दौरान पिठौरिया के पास ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। बावजूद इसके वह ग्रामीणों के चंगुल से भागने में सफल रहा। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने अपराधी का पीछा किया।
जिस पर अपराधी ने टीम पर फायरिंग की इस दौरान रांची पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। जिसमें रोहित को गोली लगी। जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं दूसरा अपराधी भागने में सफल रहा। बताया जा रहा है कि अनिल टाइगर की हत्या प्रतिशोध में की गई है।
दरअसल, बीते 14 जनवरी को लोहरदगा जिले के कुड़ू बस स्टैंड में दिनदहाड़े हुई फायरिंग में कुख्यात अपराधी सुभाष जायसवाल उर्फ छोटू की मौके पर मौत हो गई थी। उसका नाम रांची के पंडरा में 13 लाख रुपए की लूट और फायरिंग मामले में भी आया था। रोहित वर्मा सुभाष जायसवाल का काफी करीबी था। उसे शक था कि अनिल टाइगर के कहने पर ही सुभाष जायसवाल की हत्या की गई है। जिसके बाद उसने सुनियोजित साजिश के तहत अनिल टाइगर की गोली मारकर हत्या कर दी।
बताते चलें कि पूर्व जिला परिषद सदस्य अनिल टाइगर राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय थें। उन्होंने आजसू और भाजपा के लिए सक्रिय राजनीति की थी। कांके इलाके के निवासी अनिल कोकर में चड्डा पेट्रोल पंप के पास रहते थें। उन्हें दो दिन पहले ही कांके महावीर मंडल का अध्यक्ष बनाया गया था। बीजेपी और आजसू ने अनिल टाइगर की हत्या के विरोध में 27 मार्च को रांची बंद बुलाया है।