लाइव पलामू न्यूज/मेदिनीनगर: जिले में करीब 3.2 करोड़ की शराब के गबन का मामला सामने आया है। पूरी राशि लेकर सेल्समैन फरार हो गए हैं। वहीं गबन की जिम्मेवारी कंपनियों पर फिक्स की गई है। हुसैनाबाद अंचल में मौजूद शराब की दुकानों में सबसे अधिक करीब दो करोड़ का गबन हुआ है। उत्पाद विभाग की एक कंपनी पर दो करोड़, दूसरी पर 70 लाख जबकि तीसरी कंपनी पर 63 लाख का बकाया है। गबन के मामले में 7 अलग अलग एफआईआर दर्ज करवाए गए हैं। वहीं कंपनियों ने भी सेल्समैन पर भी अलग से एफआईआर दर्ज करवाया है।

इस मामले में अब उत्पाद विभाग कंपनियों के सिक्योरिटी मनी को जब्त करने की प्रक्रिया को शुरू कर रहा है। मामला सामने आने के बाद जीडीएक्स और आरके नामक कंपनी को टर्मिनेट कर दिया गया है। तीसरी कंपनी फिलहाल काम कर रही है, जिसके बाद 63 लाख का बकाया है। शराब बेचने में शामिल कंपनियों ने उत्पाद विभाग को हिसाब नहीं दिया है एवं समय पर पैसे को जमा नहीं किया था।
जिसके बाद विभिन्न स्तरों पर जांच करवाई गई, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ है। इस संबंध में उत्पाद अधीक्षक संजीव देव ने बताया कि सरकार के राजस्व को नुकसान नहीं होगा, विभाग कंपनियों के सिक्योरिटी मनी को जब्त कर लेगा। कंपनियों को टर्मिनेट कर दिया गया है। मामले में कई स्तर पर छानबीन जारी है और एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है।
उल्लेखनीय है कि पलामू में पिछले कुछ वर्षों में तीन अलग-अलग प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से शराब बेचवाई गई है। प्लेसमेंट एजेंसी दुकानों में शराब की बिक्री के लिए सेल्समैन रखती है। दुकानों के सेल्समैन कंपनी के लाखों रुपए लेकर भाग गए हैं। केएस कंपनी का कार्यभार देखने वाले मनोज कुमार ने कहा कि कई बार सेल्समैन की दबंगई देखने को मिलती है और वह लाखों रुपए लेकर भाग जाते हैं। इस मामले में कंपनी द्वारा एफआईआर भी की जाती है।