लाइव पलामू न्यूज/मेदिनीनगर: बुधवार को उमंग परियोजना के अन्तर्गत जे एस एल पी एस एवं पी सी आई , इंडिया द्वारा चैनपुर के झरिवा पंचायत भवन में अन्तराष्ट्रीय बालिका दिवस पर समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुवात दीप प्रज्वलन कर शुरू किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों एवं माताओं को बालिकाओं के अधिकार हेतु जागरूक करना था। इस दौरान जेएसएलपीएस डीपीएम अनीता केरकेट्टा ने कहा कि अगर लड़कियों की शादी सही उम्र में हो तो समाज के लिए भी अच्छा है एवं परिवार के लिए भी।
समाज में बालिकाओं के प्रति रूढ़ीवादी सोच एवं बालिकाओं के विकास में अवरोध पैदा करने वाले सामजिक नियम को बदलना होगा। इसके लिए सामाज में महिलाओं खासकर माताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। वहीं जेएस एलपीएस के डीएम– एस डी प्रवीण जी ने कहा कि अभी भी समाज में बच्चियों की शादी कम उम्र में उनके इच्छा के विरुद्ध कर दी जाती है। इसे रोकने की जरुरत है। जीवन में निर्णय लेने के लिए कभी कभी ना कहना भी जरूरी होता है। इसीलिए एक नारा भी है – सहेंगे नहीं, कहेंगे।
बीपीएम ओमप्रकाश ने कहा कि लड़का एवं लड़की में भेद नहीं होना चाहिए और लडको के समान ही लड़कियों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। प्रदान संस्था के ओमप्रकाश शर्मा कहा कि झारखण्ड में बाल विवाह ज्यादा है, कम उम्र में शादी होने से किशोरियां मानसिक एवं शारीरक दोनों रूप से कमजोर हो जाती है इसीलिए उनकी शादी सही उम्र में हो तो उनके लिए एवं परिवार के लिए भी अच्छा है।
वहीं चाइल्ड लाइन के अधिकारी ने कहा कि बाल विवाह से जुड़े समस्या के लिए 1098 पर कॉल कर सकते हैं। उन्होंने स्पोंसरशीप योजना के बारे में जानकारी दी। पीसीआई जिला समन्वयक सुमन कुमारी ने कहा कि आज अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर किशोरियों एवं माँ को बुलाने का एक मकसद है किशोरियों के अधिकारों एवं चुनौतियों के बारे में जागरूक किया जाये एवं किशोरी को अपने अधिकार के बारे में पता हो।