लाइव पलामू न्यूज मेदिनीनगर : विगत 19 फरवरी को मनातू थाना क्षेत्र के राजखेता के जंगल में पुलिस ने दो ग्रामीणों का शव बरामद किया। एक की पहचान पूर्व नक्सली दिनेश यादव के रूप में हुई लेकिन दूसरे की पहचान नहीं हो पाई थी। अब पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर दिया है। दरअसल, अपराधियों ने अफीम की खेती से लेवी वसूली के लिए ग्रामीणों का अपहरण किया था। ग्रामीणों ने स्वयं को बचाने के लिए दो अपराधियों की हत्या कर दी थी।

दरअसल, अपराधियों ने अफीम से लेवी वसूली के लिए एक गैंग तैयार किया। अपराधियों ने अफीम की खेती करने वाले छह ग्रामीणों का अपहरण किया और सभी को जंगल में रखा लेकिन अपहृत ग्रामीणों ने खुद को बचा लिया और दो अपराधियों की हत्या कर दी। घटना में शामिल चार ग्रामीणों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण करने वाले ग्रामीणों में रामलाल यादव, विकास गंझू, राजगीर गंझू (सभी प्रतापपुर के फलेन्दा), बिसंभर यादव (अंता, नौडीहा बाजार) के रूप में हुई है।
सभी को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस बाबत एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि विपिन यादव, दिनेश यादव ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर छह ग्रामीणों का अपहरण किया था। इनकी योजना अफीम से पैसे वसूलने की थी। पैसा नहीं देने पर अपहृत ग्रामीणों को धमकी दी जा रही थी। ग्रामीणों ने किसी तरह खुद को बचाया। उन्होंने दो अपहरणकर्ताओं को पीट-पीटकर जख्मी कर दिया था, जिससे दोनों की मौत हो गई थी।