मेदिनीनगर:  उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी समीरा एस की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय स्थित सभागार में स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान उन्होंने एक-एक कर स्वास्थ्य विभाग के अलग-अलग सूचकांकों की समीक्षा की।उपायुक्त ने गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण,ससमय आयरन की गोली देने,संस्थागत प्रसव व होम डिलीवरी,टीवी,वीएचएनडी कार्यक्रम की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।

वहीं संस्थागत डिलीवरी की समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि पिछले माह की तुलना में इस माह संस्थागत डिलीवरी के आंकड़ो में सुधार हुआ है।जुलाई माह में 79 प्रतिशत था जबकि अगस्त में यह बढ़कर 86 प्रतिशत हो गया है।इसपर उन्होंने इसमें और बढ़ोतरी लाते हुए संस्थागत डिलीवरी को शत-प्रतिशत कराने की दिशा में कार्य करने की बात कही।

डीसी ने सभी सीएचसी प्रभारी को उनके यहां के निजी होस्पिटल में होने वाले डिलीवरी का डाटा शतप्रतिशत संकलन करने पर बल दिया।बैठक में गर्भवती महिलाओं का एएनसी शतप्रतिशत करने का निर्देश दिया गया।बर्थ डोज़ इम्यूनाइजेशन की समीक्षा के दौरान चैनपुर,हुसैनाबाद और पांकी को सुधार लाने के निर्देश दिये गये।

बगैर उचित कार्यों के एमएमसीएच में मरीजों को रेफर करने से परहेज़ करें:उपायुक्त

बैठक में डीसी ने कहा कि आमजनों के तरफ से विभिन्न सीएचसी द्वारा सामान्य मामलों को लेकर भी एमएमसीएच रेफर किये जाने की शिकायतें आ रहीं है।उन्होंने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों से बगैर उचित कार्यों के एमएमसीएच में मरीजों को रेफर करने से बचने की सलाह दी।

उन्होंने सभी सीएचसी में ओपीडी को बढ़ावा देने और रेफरल सिस्टम को कम करने की दिशा में कार्य करने की बात कही।उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि रेफरल वाले मामलों पर उसका वैलिड कारण लिखें कि उक्त बीमारी का किन परिस्थितियों में संबंधित सीएचसी में इलाज संभव नहीं है।

आयुष्मान कार्ड बनाने में तेज़ी लाने के निर्देश

आयुषमान कार्ड बनाये जाने की समीक्षा में डीसी ने पाया कि जिले में कुल 1907492 लाभुकों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है जिसके विरुद्ध अबतक 883677 लाभुकों का ही कार्ड बन गया है जो 46 प्रतिशत है।उन्होंने कार्ड बनाने में कहां और किस स्तर पर समस्या आ रही है उसके कारणों की समीक्षा की।उन्होंने सभी को पीवीटीजी क्षेत्रों में लगाए जाने वाले कैम्पों में अधिकाधिक कार्ड बनाने पर बल दिया।

बैठक में डेंगू,मलेरिया एवं अन्य मौसमी संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और उपचार पर भी विशेष चर्चा हुई।इसी तरह उन्होंने एएनसी रजिस्ट्रेशन फैमिली प्लानिंग,जन्म लेने वाले बच्चों के सभी आवश्यक टीकाकरण,इम्यूनाइजेशन,फैमिली प्लानिंग,ट्यूबरक्लोसिस रिपोर्ट,सिकल सेल स्क्रीनिंग स्टेटस,अर्बन हेल्थ, मुख्यमंत्री असाध्य रोग/गंभीर बीमारी योजना की समीक्षा की। मौके पर डीआरसीएचओ डॉ अवधेश,बीपीएम,बीपीएम,बीएएम,बीडीएम समेत विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी समेत अन्य उपस्थित रहे।

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