मेदिनीनगर नगर निगम के सीट महिला आरक्षित होइला के बाद बस डिपो, सादिक मंजिल चौक, पुलिस लाइन रोड, रेडमा चौक जइसन भीड़-भाड़ वाला जगह पर चाय के टपरी  अउरी पान दुकान पर निगम चुनाव के लेकर जोरदार चर्चा सुरू हो गेलई। चाय के कप पकड़ले लोग आपस में झुनुकवा, मुनुकवा, तुनुकवा, हुनुकवा और फुनुकवा बतियावत रहलथिन। अरे भईया, जे मर्द लोग मेयर बने के सपना देख के समाज सेवा करत रहलथिन, इलाका-इलाका घूमत रहलथिन, अब हुनकर का होतई? अब त सीट महिला के हो गेलई, अब ऊ सब का करथिन झुनुकवा चुस्की लेके बोल देलक की सिटवा त महिला के हो गेलई, अब त सब पर पनिया फिर गेलई का?  एतने में दोसर झन मुनुकवा टपक पड़लक अरे ना रे, अइसन कउनो बात ना हई।

सब कोई उपाय निकालथिन। अपन-अपन धर्मपत्नी के मैदान में उतार देथिन। फेर बीच में एक ठो और तुनुकवा के आवाज उठल ना-ना, अब टक्कर खाली दूइये गो में रहतई एक पूर्व मेयर अरुणा शंकर आ दोसर पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष पुनम सिंह। एतना में चाय सुड़कत हुनुकवा बोल पड़लक अरे कइसे दूइये गो में? हम त सुनले हियई कि जइसे ही महिला आरक्षण के खबर चललई, एक पार्टी के लोग बड़का नेता से मिले खातिर रांची दौड़ लगवले हथिन। सुने में त इहो आइलई कि कातो भइया-भाभी के रांची वाला से आशीर्वाद मिल गेलई। अब हुनकरो पत्नी के लड़े के चांस बन गेलई। इ सब बात चलिए रहल रहलई कि सावन पान गुमटी से पान चबावत एगो अउरी झन फुनुकवा पिचकारी मार के बोललक अरे गोए, पंडित देन से थोड़े न महिला उठ जाथे!
हम त इहो सुने में आइल हइ कि त्रिपाठी जी के घर से भी कोई न कोई उठतई। तब त चुनाव चारकोनिया हो जतई।बगल में एगो झन सुकना बहुत देर से चुपचाप सुन रहल रहलई। ओकरा अब रहल ना गेलई, त ऊ बोल पड़लक अरे ना-ना, चारे गो में कइसे? मनोज सिंह त एतना दिन से मेहनत करत हथिन। ऊ इतना आसानी से मार्केट थोड़े न छोड़ देथिन। मनोज सिंह भी अपन घर से केकरो न केकरो जरूर उठइबे करतथिन। अब त मुकाबला पांचो के बीच होई। इ सब चर्चा करत-करत रात के 10 से 10:30 बज गेलई। तब तुनुकवा बोल उठल चल भाई, कोई जीते-कोई हारे, अब घरे जाए के टाइम हो गेलई। जल्दी चल, नाहीं त जे घर में जो परमानेंट महिला मेयर बइठल हथिन, ऊ घर में घुसबे ना देथिन। तब त सबके स्टेशन पर चादर ओढ़ के सुतना पड़तई। चल, बाकी चर्चा कल होई।

 

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