LIVE PALAMU NEWS DESK : सोमवार की सुबह एक बार फिर से ओडिशा के पुरी जगन्नाथ मंदिर में नीलचक्र पर चील बैठा नजर आया। जिसके बाद श्रद्धालुओं और सेवायतों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

जानकारी के अनुसार, चील नीलचक्र के ऊपर लगे पतितपावन बाना दंड पर करीब 15 से 20 मिनट तक बैठा रहा फिर उड़ गया। सुबह के समय हुई इस घटना को मंदिर परिसर के आसपास मौजूद कई लोगों ने देखा।

उल्लेखनीय है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं। इसे लेकर लोगों की राय अलग-अलग है। कुछ श्रद्धालु इसे सामान्य प्राकृतिक घटना मान रहे हैं वहीं, एक वर्ग ऐसा भी है जो इसे अशुभ संकेत मान रहा है। मंदिर से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं के कारण इस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

मंदिर के सेवायतों में भी इस मामले को लेकर मतभेद देखने को मिला। कुछ सेवायतों के अनुसार नीलचक्र पर पक्षियों का बैठना असामान्य नहीं है, जबकि अन्य इसे संभावित विपरीत संकेत मान रहे हैं।

 

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