लाइव पलामू न्यूज/गढ़वा: जिले के धुरकी थाना क्षेत्र से फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर चौकीदार की नौकरी लेने का एक मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि गढ़वा के धुरकी के फाटापानी निवासी उपेंद्र तुरिया की 2010 में अनुकंपा के आधार पर चौकीदार के पद पर नियुक्ति हुई थी। उपेंद्र ने शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी जमा किया था।
जो कि भवनाथपुर के केतार के स्कूल का था। गढ़वा जिला प्रशासन ने पूरे मामले में 2014 में शैक्षणिक प्रमाण पत्र की जांच की गई थी। जिसके बाद उपेंद्र को बर्खास्त कर दिया गया था। जिसके बाद उपेंद्र ने पूरे मामले में पलामू कमिश्नर के पास अपील किया था। तत्पश्चात उपेंद्र की नौकरी दोबारा बहाल कर दी गई थी। लेकिन जांच जारी थी। वर्ष 2018 में मुख्य सचिव ने अनुकंपा पर आधारित चौकीदार की नियुक्ति के मामले में रिपोर्ट मांगी थी।
फिर से उपेंद्र का शैक्षिक प्रमाण पत्र फिर से फर्जी पाया गया और फिर से उसे बर्खास्त कर दिया गया था। मामले में पलामू कमिश्नर कार्यालय ने उपेंद्र को शोकॉज किया गनया था। लेकिन उपेंद्र ने शोकॉज का स्पष्ट जवाब नहीं दिया था। जिसके बाद इस मामले में पलामू कमिश्नर कार्यालय की ओर से उपेंद्र के खिलाफ मेदिनीनगर टाउन थाना में एफआईआर का आवेदन दिया गया है।
इस संबंध में थाना प्रभारी देवव्रत पोद्दार ने बताया कि आवेदन के अनुसार चौकीदार बहाली में फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया गया था। एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।
