झारखंड– संघर्ष, स्वाभिमान, और सांस्कृतिक विविधता की है जीवंत गाथा : जिला शिक्षा पदाधिकारी*
मेदिनीनगर: झारखंड स्थापना दिवस के रजत वर्ष के उपलक्ष्य में संत मरियम स्कूल द्वारा एक भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा को जिला शिक्षा पदाधिकारी सौरव कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

उन्होंने कहा कि “झारखंड केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि संघर्ष, स्वाभिमान, त्याग और सांस्कृतिक विविधता की जीवंत गाथा है। भगवान बिरसा मुंडा, नीलांबर–पीतांबर और अन्य वीर आंदोलनकारियों ने जिस स्वप्निल झारखंड का निर्माण किया, उसका सम्मान और संरक्षण नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने आगे कहा कि “संत मरियम स्कूल के विद्यार्थी जिस समर्पण से अपने राज्य की संस्कृति को प्रस्तुत कर रहे हैं, वह इस बात का प्रमाण है कि यह पीढ़ी अपने इतिहास से जुड़ी हुई है और उसे आगे ले जाने का संकल्प रखती है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के चैयरमैन अविनाश देव ने की। उन्होंने झारखंड की संस्कृति, परंपरा से लेकर आंदोलन तक हमारी पहचान का आधार बताते हुए छात्रों को इन मूल्यों को समझकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कहा कि संत मरियम स्कूल हमेशा से छात्रों में संस्कार, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने की दिशा में कार्य करता रहा है। आज की यह शोभायात्रा न सिर्फ एक उत्सव है, बल्कि बच्चों में अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और अपने राज्य के प्रति गर्व की भावना जगाने का सशक्त माध्यम है।”
विद्यालय के प्राचार्य कुमार आदर्श ने बताया कि शोभायात्रा में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और पूरे मेदिनीनगर शहर का भ्रमण किया। शहरवासियों ने बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों का स्वागत किया।
इस शोभायात्रा की आकर्षक झांकियों ने झारखंड की परंपरा, संस्कृति, अस्मिता और प्राकृतिक सुंदरता को जीवंत किया।
छात्र-छात्राओं ने भगवान बिरसा मुंडा, नीलांबर–पीतांबर, शिबू सोरेन, हेमंत सोरेन एवं अन्य आंदोलनकारियों का रूप धरकर झारखंड आंदोलन की अमर गाथा प्रस्तुत की।
विद्यालय की बेटियों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोकनृत्यों ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग और जोश भर दिया।
पूरे आयोजन में उत्साह, ऊर्जा, सांस्कृतिक गौरव और झारखंडी अस्मिता की झलक निरंतर दिखाई दी।
इस यात्रा में उप–प्राचार्य एस. बी. शाहा, प्रवीण दुबे, सुधांशु दुबे समन्वयक अमरेंद्र कुमार, निकिता गुप्ता, विकास विश्वकर्मा, श्याम किशोर पांडे, समस्त शिक्षक– शिक्षिकाएं एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहें।