मेदिनीनगर : गरीबी और भूख लोगों से कैसे कैसे काम करवा सकती है इसकी बानगी है जिले के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के लोटवा कामलकेडिया गांव का एक मामला। दरअसल रामचंद्र राम और पिंकी देवी नामक दंपति ने बीमारी और गरीबी के कारण महज पचास हजार रूपये में अपने कलेजे के टुकड़े का सौदा कर दिया। दंपति ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने बीमारी का इलाज करवाने और पेट की आग बुझाने के लिए अपने कलेजे के टुकड़े को बेचा है।

बता दें कि यह परिवार भूमिहीन और आवासहीन है। फिलहाल ये पूर्व विधायक द्वारा बनवाये गये एक सरकारी शेड में अपने अन्य चार छोटे-छोटे बच्चों के साथ रह रहे हैं जो पुराना और जर्जर है। पिंकी का पति रामचंद्र राम का घर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में है। वह प्रारंभ से ही अपनी पत्नी के साथ लोटवा कमलकेड़िया में रह रहा है । दोनों मिलकर मजदूरी करते हैं और जिस दिन काम नहीं मिलता, उस दिन गांव के अन्य लोगों से मांगकर खाते हैं।

इस दंपति के पास आधार कार्ड तक नहीं है । न ही उन्हें सरकारी राशन मिलता है और न ही अन्य किसी सरकारी योजना का लाभ मिल पाया है । पिंकी ने बताया कि उसके पिताजी ने उन्हें आधा कट्ठा जमीन दी है लेकिन पैसे की तंगी के कारण उसमें घर नहीं बना पाए। दंपति का कहना है कि ऐसा कभी कभी ही होता है कि उन्हें दोनों वक्त का भोजन नसीब हो जाए।

रामचंद्र राम ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी कर जीवन यापन करता है। पहले ससुराल में ही रहता था । बाद में ससुराल वालों ने उसे आधा कट्ठा जमीन देकर अलग कर दिया। वह उसी जमीन में झोपड़ी बनाकर रहता था । लेकिन बारिश के कारण उसकी झोपड़ी तहस-नहस हो गई। इसलिए वह लोटवा में बने इस सरकारी शेड में आ गया और तबसे उसका परिवार यहीं रहता है ।

पिंकी ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन इसी शेड में उसने एक बालक को जन्म दिया था। जिसके बाद वह बीमार हो गयी । लगातार बारिश की वजह से पति काम पर नहीं जा पा रहा था। उनके पास न तो इलाज के लिए पैसे थे और न ही खाने के लिए। मजबूरी में उन्होंने लातेहार के एक दंपति से 50 हजार रूपये में अपने नवजात का सौदा कर दिया। मामला प्रकाश में आने के बाद मौके पर सीडब्ल्यूसी की टीम पहुंची और दंपति को मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि बिके हुए बच्चे को वापस दिलाने और शेष बच्चों के भरण पोषण और पढ़ाई की व्यवस्था करेंगे ।

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