गढ़वा : सोमवार को उपायुक्त कार्यालय वेश्म में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के प्रभावी एवं सुचारू कार्यान्वयन को गति देने हेतु एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश यादव ने की। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, तेल विपणन कंपनियों के प्रतिनिधि एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

उज्ज्वला समिति के गठन पर विस्तृत चर्चा:
बैठक के दौरान जिला उज्ज्वला समिति (District Ujjwala Committee – DUC) के गठन पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने समिति के गठन के स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि समिति गठन के उपरांत जिले में छूटे हुए सभी पात्र लाभुकों की पहचान कर उन्हें योजना के दायरे में लाया जाए।
गौरतलब है कि पूर्व में 1,99,012 परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से लाभान्वित किया जा चुका है, और अब समिति के सहयोग से उन सभी लाभुकों को चिन्हित कर लाभान्वित किया जाएगा जो पिछली बार छूट गए थे।
समिति का मुख्य उद्देश्य जिले में पात्र लाभार्थियों की पहचान, कनेक्शन वितरण, जन-जागरूकता गतिविधियाँ तथा योजना से संबंधित सभी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी एवं प्रभावी रूप से संचालित करना है।
मौके पर उपायुक्त को अवगत कराया गया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत देशभर के लिए 25 लाख अतिरिक्त LPG कनेक्शन स्वीकृत किए हैं। यह निर्णय आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, विशेषकर महिलाओं तक स्वच्छ ईंधन पहुँचाने में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
पात्र परिवारों की सूची का त्वरित एवं सटीक सत्यापन किया जाए : उपायुक्त
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र परिवारों की सूची का त्वरित एवं सटीक सत्यापन किया जाए ताकि कनेक्शन वितरण की प्रक्रिया अधिक सरल एवं सुगम बनाई जा सके। लाभार्थियों तक योजना की जानकारी पहुँचाने हेतु व्यापक जनजागरण अभियान संचालित किए जाएँ तथा उज्ज्वला योजना से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
महिलाओं के स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है उज्जवला योजना : उपायुक्त
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि जिला उज्ज्वला समिति नियमित रूप से समीक्षा बैठकें आयोजित करेगी और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, ताकि योजना का लाभ लक्षित परिवारों तक समयबद्ध तरीके से पहुँच सके।
उपायुक्त ने कहा कि “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना केवल घरेलू जीवन में सुधार का साधन नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।”