लाइव पलामू न्यूज: सोमवार से झारखंड विधानसभा की विशेष सत्र की शुरूआत हुई। चार दिवसीय यह सत्र 12 दिसंबर तक चलेगा। सत्र के पहले दिन नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ली। इस दौरान डुमरी विधायक जयराम महतो ने अपनी क्षेत्रीय भाषा कुरमाली में शपथ ली। वहीं शपथ लेने के बाद जयराम महतो ने स्टीफन मरांडी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, CP सिंह, चंपाई सोरेन और दीपिका पांडे के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद झारखंड विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 तक के लिए स्थगित कर दी गई। बता दें कि पहली बार विधायक बने जयराम महतो जब विधानसभा पहुंचे, तो उनका बहुत ही दिलचस्प अंदाज देखने को नजर आया। जयराम नंगे पांव ही विधानसभा में दाखिल हुए। अंदर दाखिल होने से पहले उन्होंने प्रवेश द्वार पर माथा टेका और प्रणाम किया। वहीं इससे संबंधित मीडिया के पूछे सवाल को लेकर उन्होंने कहा, कि ये लोकतंत्र का मंदिर है।

हम धार्मिक स्थल में बिना चप्पल पहने ही जाते हैं। भारत आस्था का देश है। किसी की आस्था मंदिर में है, तो किसी की मस्जिद में, किसी की आस्था गिरिजाघर में है, तो किसी की गुरुद्वारा में। उन्होंने कहा कि इस देश में 70 फीसदी किसान हैं। देश के एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि एक नजर रखना खेत-खलिहान पर, एक नजर रखना लाल किला के मचान पर…लाल किला का आशय संसद और विधानसभा से था। उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र का यह मंदिर किसी धार्मिक स्थल से ज्यादा महत्वपूर्ण है। मैं आस्था के केंद्र में पहली बार दाखिल होने जा रहा हूं। जिससे लाखों लोगों की उम्मीदें जुड़ी है।

बताते चलें कि जयराम महतो ने पहले ही ऐलान कर रखा था कि वो झारखंड की स्थानीय भाषा में शपथ लेंगे। वहीं रांची आने से पहले रविवार को वो धनबाद स्थित अपने पैतृक घर पहुंचे थें। जहां उन्होंने अपने किये वादों को दोहराते हुए कहा कि विधायक बनने के बाद जो सैलरी उन्हें मिलेगी, उसका 75 प्रतिशत हिस्सा वो दान कर देंगे।