मेदिनीनगर : डेडीकेटेड प्रीमियर स्कूल में आज झारखंड स्थापना दिवस बड़े ही अनुशासित, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत वातावरण में अत्यंत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। सम्पूर्ण परिसर सुबह से ही सजावट, पोस्टर एवं आकर्षक झारखंडी प्रतीकों से सुसज्जित दिखाई दे रहा था, जिसने कार्यक्रम को और भी प्रेरणादायी बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ : माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि
समारोह की शुरुआत झारखंड के महान आदिवासी जननायक, देश के अमर सेनानी एवं धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। स्कूल की प्रभारी प्राचार्या डॉ श्वेता कुमारी और सभी शिक्षक–शिक्षिकाओं ने पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। प्रार्थना के इस पावन क्षण में सभी ने मौन रहकर उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
सूचनाप्रद क्विज़ प्रतियोगिता
माल्यार्पण के पश्चात् कार्यक्रम का दूसरा चरण झारखंड पर आधारित ज्ञानवर्धक क्विज़ प्रतियोगिता के रूप में आयोजित किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह, आत्मविश्वास एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ भाग लिया।
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई दृष्टि से समझने का अवसर भी प्राप्त किया।
प्रेरणादायी जीवनी–वीडियो का प्रदर्शन
क्विज़ के उपरांत विद्यार्थियों को भगवान बिरसा मुंडा के जीवन एवं संघर्षों पर आधारित विस्तृत जीवनी–वीडियो दिखाया गया। इस वीडियो में उनके बचपन, सामाजिक परिस्थितियों, ‘उलगुलान’ आंदोलन, अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध उनके असाधारण नेतृत्व तथा समाज सुधार संबंधी विचारों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया था।
वीडियो ने छात्रों के मन में गहरा प्रभाव छोड़ा और उन्हें त्याग, वीरता, समर्पण एवं नेतृत्व जैसे गुणों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर स्कूल की प्रभारी प्राचार्या डॉ. श्वेता कुमारी ने अत्यंत सारगर्भित एवं प्रेरक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि विविध सांस्कृतिक धरोहरों, आदिवासी परंपराओं, प्राकृतिक संपदा और गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रतीक है।
प्राचार्या ने विद्यार्थियों को भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों स्वाभिमान,सत्यनिष्ठा,सामाजिक एकता,और समुदाय सेवा
को अपने जीवन में शामिल करने का संदेश दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि नई पीढ़ी ही झारखंड के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है, और विद्यार्थियों का कर्तव्य है कि वे अपने राज्य एवं देश के प्रति कृतज्ञता, समर्पण व जिम्मेदारी की भावना बनाए रखें।
पूरे कार्यक्रम ने विद्यालय परिवार में एक नई उमंग, ऊर्जा और राज्य के प्रति गर्व की अनुभूति जगाई। बच्चों में झारखंड की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ी। विद्यालय प्रबंधन व शिक्षकों ने सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, विद्यार्थियों और सहयोगियों की सराहना की।